पश्चिम बंगाल का अंतरिम बजट जनहितैषी; केंद्रीय बजट दिशाहीन : ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल का अंतरिम बजट जनहितैषी; केंद्रीय बजट दिशाहीन : ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल का अंतरिम बजट जनहितैषी; केंद्रीय बजट दिशाहीन : ममता बनर्जी
Modified Date: February 5, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: February 5, 2026 7:47 pm IST

(फोटो के साथ)

कोलकाता, पांच फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किया गया अंतरिम बजट ‘जनहितैषी’ है और यह वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

बनर्जी ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि बंगाल के बजट की तुलना में केंद्र सरकार का बजट दिशाहीन और सिद्धांतविहीन है।

मुख्यमंत्री ने बजट के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र द्वारा ‘लगातार वित्तीय अभाव’ के बावजूद राज्य सरकार ने आम लोगों के कल्याण को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा बजट जनहितैषी है, केंद्रीय बजट की तरह दिशाहीन और सिद्धांतविहीन नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने सामाजिक कल्याण के उपायों का विस्तार जारी रखते हुए अपने वित्त का विवेकपूर्ण प्रबंधन किया है।

बनर्जी ने इस बात पर बल दिया कि राज्य सरकार ने सामाजिक क्षेत्र के खर्च में विस्तार करते हुए भी राजकोषीय अनुशासन का पालन किया।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल का लगभग दो लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कों और सर्व शिक्षा अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल को मिलने वाली धनराशि वर्षों से अवरुद्ध पड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार द्वारा राज्य को आर्थिक रूप से वंचित किए जाने के बावजूद, हमने जनहितैषी बजट पेश किया है। हमने अपने वादों से कोई समझौता नहीं किया है और सभी वादे पूरे किए हैं। यह कोई चुनावी हथकंडा नहीं है।’’

बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को उसके वैध हक से वंचित कर दिया है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास और कल्याणकारी योजनाओं से कोई समझौता न हो।

उन्होंने कहा कि अनुदान और भत्तों में घोषित वृद्धि तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर हो रही आलोचना को खारिज करते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) ढांचे के तहत उधार लेने की प्रक्रिया में अनुशासन लाई है।

बनर्जी ने कहा, ‘‘हमारा बजट वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है। हमने कल्याणकारी खर्चों को राजकोषीय विवेक के साथ संतुलित किया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी पहलों ने 1.72 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की है।

उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल में ‘राज्य प्रायोजित सामाजिक कल्याण योजनाओं की एक सदी’ करार दिया।

ग्रामीण अवसंरचना में हासिल की गई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बनर्जी ने कहा कि राज्य ने अब तक एक करोड़ ग्रामीण घरों का निर्माण किया है, जिसमें हाल के वर्षों में 32 लाख घर शामिल हैं, और 2.2 लाख किलोमीटर नयी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया है।

उन्होंने कहा कि पेयजल की उपलब्धता लगभग दो लाख घरों से बढ़कर 1.87 करोड़ घरों तक पहुंच गई है।

उन्होंने शहरी विकास के बारे में कहा कि शहरों का आधुनिकीकरण निवासियों को असुविधा पहुंचाए बिना किया जाएगा, जिसके लिए सर्वेक्षण जल्द ही शुरू होंगे। बनर्जी के मुताबिक बाढ़ की समस्याओं से निपटने के लिए ‘घाटाल मास्टर प्लान’ का पहले से ही कार्यान्वयन हो रहा है।

अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए उठाए गए उपायों का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को मातृत्व अवकाश और बेहतर प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके वेतन में बढ़ोतरी के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ भी दिए गए हैं।

राज्य सरकार के विभागों और लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि देशव्यापी आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रोजगार सृजन में सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से बांग्लाभाषियों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।

अन्य राज्यों से तुलना करते हुए बनर्जी ने दूसरे राज्यों में अपनाए गए उन कल्याणकारी उपायों की आलोचना की और उन्हें ‘विवादास्पद’ करार दिया।

महंगाई भत्ते पर उच्चतम न्यायालय के आदेश को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार को अभी तक आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें इसका अध्ययन और समीक्षा करनी होगी। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है।’’

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट बृहस्पतिवार को पेश किया। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं, युवाओं एवं अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को लक्षित करते हुए नकद सहायता एवं भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।

राज्य की करीब आधी आबादी महिलाओं की है, जो लगातार चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की सबसे भरोसेमंद ‘वोट बैंक’ बनकर उभरी हैं। इन महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने इस साल फरवरी से ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना में मासिक अनुदान में 500 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने इस योजना के लिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए ‘बांग्ला युवा साथी’ नामक एक योजना शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 21-40 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलने तक या अधिकतम पांच वर्ष की अवधि के लिए 1,500 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान किया जाएगा।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में