‘चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं’: सिब्बल का निर्वाचन आयोग पर हमला

‘चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं’: सिब्बल का निर्वाचन आयोग पर हमला

‘चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं’: सिब्बल का निर्वाचन आयोग पर हमला
Modified Date: April 23, 2026 / 11:43 am IST
Published Date: April 23, 2026 11:43 am IST

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला करते हुए उस पर पश्चिम बंगाल में ‘‘मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित रखने’’ का प्रयोग करने का आरोप लगाया और पूछा कि ‘‘चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं।’’

राज्यसभा सदस्य ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए तंज किया कि उन्हें तो पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए।

सिब्बल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग (पश्चिम बंगाल चुनाव) : मताधिकार छीनने का एक ‘प्रयोग’ है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए।’’

सिब्बल ने कहा, ‘‘मेरा सवाल: चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं?’’

पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान हो रहा है जहां सियासी मुकाबला लगातार अधिक ध्रुवीकृत होता जा रहा है। इस चुनावी परिदृश्य में भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दे पीछे छूटते नजर आ रहे हैं, जबकि पहचान, नागरिकता और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विवाद राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

सिब्बल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत दिलाने के लिए उसके साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था और दावा किया कि वह ‘‘राष्ट्रीय शर्म’’ बन चुके हैं।

राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा कर्मियों की बड़े पैमाने पर तैनाती को लेकर भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर हमला बोला।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले चुनाव के पहले चरण में राज्य की 294 सीट में से 152 सीट पर मतदान हो रहा है। इनमें उत्तर बंगाल के आठ जिलों की सभी 54 सीट और मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली की कई सीट शामिल हैं।

दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


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