बिहार में शाम सात बजे के बाद कोई लड़की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है: कांग्रेस

बिहार में शाम सात बजे के बाद कोई लड़की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है: कांग्रेस

बिहार में शाम सात बजे के बाद कोई लड़की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है: कांग्रेस
Modified Date: September 21, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: September 21, 2026 4:06 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार के जमुई में दो नाबालिग लड़के-लड़की के साथ कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने की घटना को लेकर सोमवार को राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि ‘‘शाम सात बजे के बाद राज्य की सड़कों पर कोई लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है।’’

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला चलाया जाना चाहिए तथा जल्द सजा होनी चाहिए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार सरकार जवाब दे कि शाम सात बजे के बाद कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?’’

उन्होंने दावा किया कि जमुई में 10वीं कक्षा के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरन रोका गया और छात्रा का उत्पीड़न किया गया।

गांधी ने कहा कि वीडियो में छात्रा हाथ जोड़कर उसे जाने देने की गुहार लगाती दिखाई देती है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उसे कथित तौर पर गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।

राहुल ने कहा, ‘‘इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह ‘संस्कृति’ नहीं है, यह पितृसत्ता है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोच कि किसी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है, पितृसत्तात्मक मानसिकता को दर्शाती है।

राहुल ने यह भी कहा कि जब इस तरह के नियंत्रण को संस्कृति मानकर सामान्य ठहराया जाता है तो ‘‘भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।’’

कांग्रेस नेता ने वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान किए जाने और कथित अपराधियों के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला चलाने तथा जल्द सजा दिलाने की मांग की।

उन्होंने सवाल किया कि यदि घटना 19 सितंबर की है तो आरोपी अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी घटना को लेकर बिहार सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बिहार के जमुई में छात्रा के साथ शर्मनाक बदसलूकी हुई, उससे पहले दिल्ली में 17 वर्षीय बेटी का सामूहिक दुष्कर्म और हत्या…ऐसी वारदातें भाजपा के ‘नारी शक्ति वंदन’ और ‘बेटी बचाओ’ के झूठ व प्रपंच का चीख़-चीख़ कर पर्दाफ़ाश करती हैं।’’

खरगे ने कहा, ‘‘हमारी मांग स्पष्ट है, दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा और राज्य सरकारों की जवाबदेही।’’

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जमुई की घटना ‘‘इतनी भयावह’’ है कि सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ घटना के वीडियो वाले पोस्ट को प्रतिबंधित कर रहा है, जिसमें उनका अपना पोस्ट भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ‘‘सेंसरशिप’’ घटना की वास्तविकता को नहीं छिपा सकती।

खेड़ा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्तर पर महिला विरोधी हिंसा करने वालों के विरुद्ध ‘‘कड़ी और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई’’ की गई होती तो जवाबदेही का स्पष्ट संदेश जाता।

उन्होंने दावा किया कि इसके बजाय ऐसे मामलों में ‘‘राजनीतिक और संस्थागत रूप से संरक्षण’’ देने की कोशिशों से महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाला माहौल बनता है।

जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने संवाददाताओं से कहा कि कथित घटना 19 सितंबर की शाम की है और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ित लड़के और लड़की का पता लगा लिया गया है।

दयाल ने बताया कि जमुई थाने में दर्ज प्राथमिकी में पीड़ितों ने किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है, लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से करीब सात लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भाषा हक वैभव

वैभव


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