रूस, ईरान से सस्ता तेल क्यों नहीं खरीद रहे प्रधानमंत्री मोदी: केजरीवाल
रूस, ईरान से सस्ता तेल क्यों नहीं खरीद रहे प्रधानमंत्री मोदी: केजरीवाल
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार वृद्धि किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि केंद्र रूस और ईरान से ईंधन क्यों नहीं खरीद रहा?
केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘तेल की कीमतें फिर बढ़ गई हैं। रूस और ईरान हमें सस्ता और पर्याप्त तेल तथा गैस देने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनसे सस्ता तेल क्यों नहीं खरीद रहे?’’
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग बढ़ती महंगाई के कारण परेशानियां झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की क्या मजबूरियां हैं? 140 करोड़ लोग परेशानियां झेलने को मजबूर हैं, फिर भी हम रूस या ईरान से तेल नहीं खरीद रहे?’’
‘आप’ नेता ने आम नागरिकों से इस मुद्दे पर अपनी राय उन्हें भेजने की अपील भी की।
देश में सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2.61 लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। पिछले दो सप्ताह से भी कम समय में यह चौथी बार है जब कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ उसके खुदरा दाम बढ़ा रही हैं।
इस ताजा बढ़ोतरी के साथ, 15 मई से लेकर पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव और परिवहन लागत बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
ईंधन की कीमतें अब मई 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे पहले वे दो साल से अधिक समय तक काफी हद तक स्थिर रही थीं। हालांकि, मार्च 2024 में आम चुनाव से पहले दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी।
यह वृद्धि ऐसे समय हुई है, जब ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता होने की शुरुआती उम्मीदों के बीच वैश्विक तेल कीमतों में तेज गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड पांच प्रतिशत से अधिक टूट गया।
भाषा
सिम्मी नरेश
नरेश

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