जर्नादन रेड्डी को ‘बल्लारी गणराज्य’ स्थापित नहीं करने देंगे : उपमुख्यमंत्री शिवकुमार
जर्नादन रेड्डी को ‘बल्लारी गणराज्य’ स्थापित नहीं करने देंगे : उपमुख्यमंत्री शिवकुमार
बेंगलुरु, तीन जनवरी (भाषा) कर्नाटक के बल्लारी में हिंसक झड़पों के संबंध में कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी का बचाव करते हुए, उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि सरकार भाजपा विधायक जी जनार्दन रेड्डी को फिर से अपना तथाकथित ‘बल्लारी गणराज्य’ स्थापित करने की अनुमति नहीं देगी।
शिवकुमार ने कहा कि बल्लारी घटना के बाद सरकार आग्नेयास्त्र रखने की अनुमति देने के लिए सख्त उपायों पर विचार कर रही है।
बल्लारी में बृहस्पतिवार को झड़प के दौरान हुई गोलीबारी में कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी।
कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा, ‘‘पुलिस जांच से पता चलेगा कि गोली किसकी बंदूक से चलाई गई थी।’’ उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषी पाये जाने वाले लोगों को दंड़ित किया जायेगा।
बृहस्पतिवार की रात बल्लारी के कुछ इलाकों में तब तनाव व्याप्त हो गया था, जब बल्लारी शहर के विधायक नारा भरत रेड्डी और गंगावती क्षेत्र के विधायक जी जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच बैनर से जुड़े एक मुद्दे पर कथित तौर पर झड़प हो गई थी।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘हमारी सरकार पहली बार बल्लारी में वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित कर रही है। हमारे विधायक भरत रेड्डी ने इसकी जिम्मेदारी ली है। बल्लारी शहरभर में वाल्मीकि के पोस्टर लगाए गए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी बेंगलुरु में मेरे घर के सामने भी भाजपा कार्यकर्ता पोस्टर लगा देते हैं। क्या मैं कह सकता हूं कि ‘ऐसा मत करो’? वे तो मुख्यमंत्री के आवास के सामने भी ऐसा करते हैं।’’
शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘क्या मुद्दा है? आपको (जनार्दन रेड्डी को) किस बात से परेशानी हुई? हम वाल्मीकि प्रतिमा की स्थापना के उपलक्ष्य में एक समारोह आयोजित कर रहे थे। आपके घर के सामने वाली सड़क सरकारी संपत्ति है, और पोस्टर भी सरकारी संपत्ति पर ही लगाया गया था। इसमें क्या साजिश थी? झगड़ा करने की क्या जरूरत थी?’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक पार्टी कार्यकर्ता को खो दिया है। हमारे कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई और इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है।’’
जांच जारी होने की बात बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया), गृह मंत्री परमेश्वर और जिला प्रभारी मंत्री इस मामले पर बात कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस जांच जारी रहने के दौरान मैं हस्तक्षेप नहीं करना चाहता। पूर्व मंत्री रेवन्ना के नेतृत्व में पांच पार्टी नेताओं की एक टीम वहां जा रही है। मैंने उन्हें भेजा है।’’
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा संसदीय और विधानसभा चुनावों में बल्लारी में अपनी हार और कांग्रेस की प्रगति को पचा नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि हार के बाद जनार्दन रेड्डी और पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता बी श्रीरामुलु फिर साथ आ गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भले ही वे एक साथ आ जाएं, लेकिन वे जानते हैं और हम भी जानते हैं कि उनके बीच आंतरिक रूप से क्या चल रहा है। मैं उनके मामलों और अन्य मुद्दों पर बात नहीं करना चाहता। लेकिन एक राजनीतिक दल के रूप में, हम उन्हें बल्लारी में पुरानी स्थिति बहाल नहीं करने देंगे। हम उन्हें अपना ‘बल्लारी गणराज्य’ स्थापित नहीं करने देंगे।’’
शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संयम बरतने के लिए आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने दावा किया कि अनुशासन बना हुआ था और जनार्दन रेड्डी की वापसी से पहले बल्लारी में कोई राजनीतिक झड़प, घटना या प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी।
जनार्दन रेड्डी को सितंबर 2011 में सीबीआई द्वारा अवैध खनन मामलों के संबंध में गिरफ्तार किए जाने के बाद बल्लारी, अनंतपुर और कुरनूल जिलों में प्रवेश करने से रोक दिया गया था और उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद 2024 में वह अपने गृहनगर बल्लारी लौटे थे।
निजी आग्नेयास्त्रों के मुद्दे पर शिवकुमार ने कहा कि सरकार कार्रवाई पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के गृह मंत्री से चर्चा के बाद हम उपायों की सूची बनाएंगे और सख्त नियमों पर फैसला लेंगे। केंद्र सरकार से निजी हथियारों के दुरुपयोग के बारे में भी बात करना जरूरी है। राज्य में यह दूसरी ऐसी घटना है। हम इस मामले की सावधानीपूर्वक जांच कर रहे हैं।’’
घटना के बाद बल्लारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पवन नेज्जुर के निलंबन के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें हर चरण में घटनाक्रम की जानकारी थी और घटना के बारे में पता चलने के कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बात की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पूर्व जिला प्रभारी एसपी, आईजी, विधायकों और श्रीरामुलु समेत अन्य नेताओं से भी बात की, क्योंकि हम चिंतित थे। मैंने तुरंत पुलिस को सूचित किया क्योंकि हम शांति और सामान्य स्थिति चाहते थे।’’
भाषा देवेंद्र अविनाश
अविनाश

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