महिला अधिकारी ने गणतंत्र दिवस परेड में पुरुषों की सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व किया

महिला अधिकारी ने गणतंत्र दिवस परेड में पुरुषों की सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व किया

महिला अधिकारी ने गणतंत्र दिवस परेड में पुरुषों की सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व किया
Modified Date: January 26, 2026 / 11:59 am IST
Published Date: January 26, 2026 11:59 am IST

नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला ने सोमवार को यहां कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अर्द्धसैनिक बल की केवल पुरुषकर्मियों की टुकड़ी का नेतृत्व कर इतिहास रचा।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से ताल्लुक रखने वाली 26 वर्षीय अधिकारी ने देश के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल के 147 कर्मियों की टुकड़ी का नेतृत्व किया।

कर्तव्य पथ पर सीआरपीएफ बैंड द्वारा बजाए गए बल के गीत ‘देश के हम हैं रक्षक’ की धुन पर टुकड़ी ने मार्च किया।

हालांकि ऐसे उदाहरण हैं जब सीआरपीएफ की महिला अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस के विभिन्न दलों का नेतृत्व किया है लेकिन यह पहली बार है कि किसी महिला अधिकारी ने वार्षिक राष्ट्रीय आयोजन के दौरान 140 से अधिक केवल पुरुष कर्मियों के दल की कमान संभाली।

बाला एक साल से भी कम समय पहले बल में शामिल हुईं। वह जम्मू कश्मीर के राजौरी की रहने वाली हैं और जिले की पहली महिला हैं जिन्होंने देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल में अधिकारी रैंक में शामिल होने का गौरव प्राप्त किया है।

उनका गांव नौशेरा भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से केवल 11 किलोमीटर दूर है और अतीत में इस क्षेत्र में सीमा पार गोलाबारी की कई घटनाएं हुई हैं।

उन्होंने कुछ दिन पहले परेड के अभ्यास के दौरान ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ‘‘गणतंत्र दिवस परेड में टुकड़ी का नेतृत्व करना मेरे लिए वास्तव में सम्मान की बात है। यह अवसर देने के लिए मैं सीआरपीएफ की आभारी हूं।’’

तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी बाला के दादा और पिता भी सेना में सेवा दे चुके हैं।

बाला ने जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया है। उन्हें अप्रैल 2025 में बल में शामिल किया गया था और उनकी पहली तैनाती छत्तीसगढ़ में ‘बस्तरिया’ बटालियन में की गई है। इस बटालियन को नक्सल विरोधी अभियानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

करीब 3.25 लाख कर्मियों वाला सीआरपीएफ देश का प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल है जो नक्सल विरोधी अभियानों, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद रोधी अभियानों में मदद करता है।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


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