दिल्ली में फरवरी से शुरू होगी यमुना ‘लक्जरी क्रूज’ सेवा: मंत्री कपिल मिश्रा

दिल्ली में फरवरी से शुरू होगी यमुना 'लक्जरी क्रूज' सेवा: मंत्री कपिल मिश्रा

दिल्ली में फरवरी से शुरू होगी यमुना ‘लक्जरी क्रूज’ सेवा: मंत्री कपिल मिश्रा
Modified Date: January 12, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: January 12, 2026 10:33 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को कहा कि फरवरी से दिल्लीवासी यमुना नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के शानदार ‘लक्जरी क्रूज’ का आनंद ले सकेंगे।

मिश्रा ने बताया कि दिल्ली सरकार की ‘रिवरफ्रंट पर्यटन और मनोरंजन योजना’ के अंतर्गत 40 सीटों वाले क्रूज का परिचालन शुरू करने की तैयारी है।

उन्होंने बताया कि क्रूज लगभग तैयार है और इसे 20 जनवरी को मुंबई से दिल्ली लाया जाएगा। मुंबई से दिल्ली तक के सफर में तीन से चार दिन लगने की उम्मीद है, जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में इसमें इंजन लगाया जाएगा।

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मंत्री ने कहा, “क्रूज का काम लगभग पूरा हो चुका है। मैं खुद इसका निरीक्षण करने के लिए मुंबई पहुंचा हूं। क्रूज को दिल्ली लाए जाने के बाद, बाकी का तकनीकी काम पूरा किया जाएगा और फरवरी में इसका परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस क्रूज सेवा का उद्घाटन कर सकती हैं। यह क्रूज यमुना में चलाया जाएगा और यात्रियों को एक घंटे की यात्रा कराई जाएगी।

मिश्रा ने कहा, “इस क्रूज में 40 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। साथ ही, इसमें संगीत, मनोरंजन और खान-पान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।”

मंत्री के अनुसार, यह परियोजना यमुना के किनारे एक ‘सैर-सपाटा और मनोरंजन केंद्र’ विकसित करने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

उन्होंने बताया, “यह केवल क्रूज सेवा तक सीमित नहीं होगा। क्रूज टर्मिनल पर जल क्रीडा सुविधाएं, मनोरंजक गतिविधियां और एक पूर्ण विकसित ‘सैर-सपाटा क्षेत्र’ बनाने की भी योजना है। हमारा उद्देश्य दिल्ली के लोगों को किफायती कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रूज अनुभव प्रदान करना है।”

मिश्रा ने कहा कि इस पहल से दिल्ली के निवासी गोवा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों जैसा अनुभव अपने ही शहर में ले सकेंगे और उन्हें इसके लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दिल्ली सरकार ने अपने ‘नदी पुनरुद्धार और पर्यटन विकास कार्यक्रम’ के अंतर्गत यमुना पर क्रूज सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। इस योजना का मकसद पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना है।

भाषा सुमित पारुल

पारुल


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