नशे की गिरफ्त में आए युवा अपराधी नहीं, पीड़ित हैं : सुक्खू

नशे की गिरफ्त में आए युवा अपराधी नहीं, पीड़ित हैं : सुक्खू

नशे की गिरफ्त में आए युवा अपराधी नहीं, पीड़ित हैं : सुक्खू
Modified Date: June 8, 2026 / 07:12 pm IST
Published Date: June 8, 2026 7:12 pm IST

शिमला, आठ जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि नशे की लत का शिकार होने वाले युवा अपराधी नहीं हैं और राज्य सरकार उनके उपचार एवं पुनर्वास के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

सुक्खू ने यहां महिलाओं के लिए राज्य के पहले नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों के सेवन, विशेषकर ‘चिट्टा’ (हेरोइन) के बढ़ते प्रचलन को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय चुनौती है।

यहां जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जन-जागरूकता अभियान चलाकर और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके इस समस्या से प्रारंभिक स्तर पर ही निपटने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए स्थापित यह केंद्र राज्य का अपनी तरह का पहला विशेष सरकारी संस्थान है, जो केवल उपचार ही नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू करने में भी सहायता प्रदान करेगा।

इस केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास सेवाएं, सामाजिक पुनर्समावेशन सहायता तथा परिवार-आधारित सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार का एक और केंद्र कांगड़ा जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया जाएगा।

सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार की नीति नशे के शिकार लोगों के प्रति सहानुभूति और मादक पदार्थों के तस्करों के प्रति सख्ती पर आधारित है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गत वर्ष 15 नवंबर को शिमला से ‘चिट्टा-निरोधक जन आंदोलन’ शुरू किया था, जो अब युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी वाला एक व्यापक सामाजिक अभियान बन चुका है।

सुक्खू ने कहा कि जब कोई महिला या बेटी नशे की चपेट में आती है तो उसका असर केवल उस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, बच्चों और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार उपचार, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्समावेशन सेवाओं को मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ रखा है।

उन्होंने कहा कि स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी निवारण अधिनियम (पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम) सहित कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत निवारक कार्रवाई की जा रही है और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क ध्वस्त किए जा रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि मादक पदार्थ तस्करों से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की जा रही है और चेतावनी दी कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही उसका कितना भी प्रभाव या रसूख क्यों न हो।

भाषा रवि कांत सुरेश

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