टीवीके सरकार के खिलाफ ‘आलोचनात्मक’ वीडियो पोस्ट करने के आरोप में यूट्यूबर मारिदास गिरफ्तार

टीवीके सरकार के खिलाफ 'आलोचनात्मक' वीडियो पोस्ट करने के आरोप में यूट्यूबर मारिदास गिरफ्तार

टीवीके सरकार के खिलाफ ‘आलोचनात्मक’ वीडियो पोस्ट करने के आरोप में यूट्यूबर मारिदास गिरफ्तार
Modified Date: June 8, 2026 / 07:07 pm IST
Published Date: June 8, 2026 7:07 pm IST

मदुरै (तमिलनाडु), आठ जून (भाषा) चेन्नई शहर पुलिस की एक विशेष टीम ने सोमवार को प्रसिद्ध यूट्यूबर मारिदास को कथित तौर पर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और राज्य के कई मंत्रियों को निशाना बनाकर कई आलोचनात्मक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मारिदास को सूर्य नगर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें फिलहाल चेन्नई लाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जिन धाराओं के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया है, उनकी पूरी जानकारी आगे की जांच के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।’’

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार के कामकाज के खिलाफ लगातार लगाए जा रहे आरोपों और आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद, चेन्नई पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने यूट्यूबर के खिलाफ स्वयं ही मामला दर्ज किया।

चेन्नई से साइबर अपराध शाखा की एक विशेष टीम सोमवार को मदुरै पहुंची। मदुरै नगर पुलिस की सहायता से मारिदास को सूर्य नगर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। उन्हें आगे की पूछताछ के लिए चेन्नई लाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में ‘फॉलोअर’ रखने वाले मारिदास अतीत में अपनी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण अक्सर विवादों में घिरे रहे हैं और उनके खिलाफ कई पुलिस मामले दर्ज किए गए हैं।

इस बीच, तमिलनाडु में विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार पर तानाशाही और राजनीतिक असहिष्णुता का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने तिरुचिरापल्ली में पत्रकारों से बातचीत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सत्तारूढ़ सरकार के रुख में बदलाव का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “सत्ता में आने से पहले मुख्यमंत्री विजय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में जोर-शोर से बात करते थे और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की गिरफ्तारी की निंदा करते थे। हालांकि, मौजूदा शासन असहिष्णुता दिखा रहा है।”

उन्होंने कहा कि मारिदास ने निजी हमले किए बिना आंकड़ों के आधार पर प्रशासनिक कमियों की ओर इशारा किया था।

उन्होंने संस्थागत पक्षपात का आरोप भी लगाया और एक अन्य यूट्यूबर मुख्तार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं होने का हवाला दिया। मुख्तार ने कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी।

हालांकि, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल ने कहा कि वह मारिदास की गिरफ्तारी की निंदा करती हैं, लेकिन महिलाओं पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ हैं।

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में नाम तमिलर काची (एनटीके) के मुख्य समन्वयक सीमन ने गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट कृत्य’ करार दिया और मारिदास की तत्काल रिहाई की मांग की।

उन्होंने कहा, “सरकार की आलोचना करने वाले लोगों की तुरंत गिरफ्तारी, जबकि दिनदहाड़े हत्याओं, यौन हमलों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल गंभीर अपराधियों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई नहीं होती। यह बेहद चिंताजनक है।”

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को मारिदास की टिप्पणियां मानहानिकारक लगती थीं, तो उसे बिना उचित जांच के तत्काल गिरफ्तार करने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए था।

अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने प्रशासनिक कमियों और मंत्रियों के कामकाज की आलोचना करने पर मारिदास की गिरफ्तारी को टीवीके सरकार का “तानाशाही रवैया” करार दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से आग्रह किया कि लोकतंत्र द्वारा नागरिकों को दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने वाली गतिविधियां तुरंत रोकी जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ प्रशासन को प्रतिशोधात्मक कदम उठाने के बजाय आलोचना को रचनात्मक ढंग से स्वीकार करना चाहिए और प्रगतिशील पहलों पर ध्यान देना चाहिए।

भाषा

राखी संतोष

संतोष


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