राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच थोड़ी देर चला शून्यकाल
राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच थोड़ी देर चला शून्यकाल
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच कुछ सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान यातायात जाम, सरकारी स्कूलों में खेल के मैदानों की स्थिति और खाली पड़ी जमीनों में सौर ऊर्जा उत्पादक संयंत्र लगाने संबंधी मुद्दे उठाए और सरकार से इनके समाधान की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी के मदन राठौर ने यातायात की समस्या का मुद्दा उठाया और कहा कि जगह जगह जाम लगने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए राठौर ने कहा कि जाम से बचने के लिए लोग समय से बहुत पहले गंतव्य के लिए रवाना होते हैं लेकिन फिर भी कई बार समय पर नहीं पहुंच पाते। उन्होंने कहा कि लोग ‘‘कभी जल्दी पहुंच जाते हैं क्योंकि घर से जल्दी निकलते हैं लेकिन ऐसा होने पर भी समय ही बर्बाद होता है।’’
राठौर ने कहा कि राजस्थान के कोटा में अंडर पास और ओवर ब्रिज बना कर यातायात को इस तरह सुगम बनाया गया है कि कहीं भी रेड लाइट में रुकने की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि कई देशों में बड़े नेता और अधिकारी मेट्रो में सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था हमारे देश में भी होनी चाहिए क्योंकि ऐसा होने पर यातायात की समस्या नहीं होगी।
भाजपा सदस्य ने कहा कि अवैध पार्किंग भी बड़ी समस्या है और जगह जगह गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं जिसकी वजह से रास्ता सीमित हो जाता है तथा जाम लग जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘गाड़ियों की पार्किंग के लिए स्थान तय करना चाहिए।’’
इसी पार्टी के तेजवीर सिंह ने ‘एक विद्यालय, खेल का एक मैदान’ अभियान चलाने की मांग करते हुए कहा कि हर सरकारी स्कूल में खेल के मैदान का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में खेल के महत्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेल को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए और खेलों को शिक्षा का अहम अंग बनाया गया।
सिंह ने कहा कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य आत्मनिर्भर युवा शक्ति बनाना है और इसकी शुरूआत सकूलों से ही हो जाती है। उन्होंने कहा ‘‘ कई सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान की स्थिति अच्छी नहीं हैं। कहीं पर मैदान तो हैं ही नहीं। ऐसे में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पा रहा है।’’
भाजपा सदस्य ने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हर सरकारी स्कूल में खेल के मैदान का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इसी पार्टी के डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सौर ऊर्जा का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि खाली पड़ी जमीनों का सर्वे कराया जाए और सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अवसंरचना तथा पार्कों की स्थापना की जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर रिक्त पड़ी जमीन का उपयोग होगा, रोजगार मिलेंगे तथा सौर ऊर्जा उत्पादन से बिजली की समस्या हल होने के साथ साथ प्रदूषण रहित वातावरण मिलेगा।
भाजपा के ही राजीव भट्टाचार्जी ने त्रिपुरा से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विकास लंबे समय तक नहीं हुआ तथा 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद से वहां विकास हुआ।
उन्होंने कहा कि वहां बड़ी आबादी जनजातियों की है जिनके लिए कई तरह की योजनाएं चलाई गईं। अभी बहुत कुछ किया जाना है।
उन्होंने मांग की कि त्रिपुरा में जनजातियों के विकास के लिए आवासीय कौशल विकास एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने के बाद आज पहली बार उच्च सदन में शून्यकाल हुआ लेकिन चार सदस्य ही लोकमहत्व से जुड़े अपने अपने मुद्दे उठा पाए और हंगामे के कारण बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
विपक्षी सदस्य, नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे हैं।
भाषा
मनीषा माधव
माधव

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