Kerala New Chief Minister Name || Image- New Delhi Post File
तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस की अगुवाई वाली UDF ने दक्षिण भारतीय राज्य केरल के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। UDF ने एक तरह से वामपंथी दल के आखिरी किले केरल पर भी जीत हासिल कर ली है। कल जारी हुए नतीजों में UDF ने शानदार प्रदर्शन करते हुए UDF ने 98 सीटों पर कब्ज़ा जमाया है, इसमें कांग्रेस की सीट 63 हैं। (Kerala New Chief Minister Name) इसी तरह दुसरे नंबर पर रही LDF ने 39, NDA ने 2 और अन्य को 1 सीट हासिल हुई हैं।
लम्बे वक़्त के बाद केरल में मिली जीत से कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। कार्यकर्ता सड़कों पर जश्न मना रहे है और एक-दूसरे को बधाई दे रहें हैं। वही इस जीत के साथ ही इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि, केरल में कांग्रेस किस नेता को चीफ मिनिस्टर का ताज सौंपेगी। कांग्रेस केरल में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर काफी सतर्कता भी बरतेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि पड़ोसी राज्य कर्नाटक में कांग्रेस पहले ही सीएम पद के लिए बड़े नेताओं के बीच खींचतान से जूझ रही है। राजनीतिक पंडितों का इस मामले में राय स्पष्ट हैं। केरल में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता शशि थरूर है और इस बात की पूरी सम्भावना है कि, वह ही राज्य के नए सीएम भी बने। हालाँकि इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाक़मान को ही करना हैं।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद पार्टी को अपनी रणनीति पर गंभीर आत्ममंथन करने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में मिले मिश्रित परिणाम यह संकेत देते हैं कि पार्टी को अपने कामकाज और चुनावी दृष्टिकोण की गहराई से समीक्षा करनी चाहिए। (Kerala New Chief Minister Name) थरूर ने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की जीत को सकारात्मक उदाहरण बताया है। बता दें कि, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के 10 वर्षों के शासन के बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि केरल में पार्टी सही रणनीति अपनाकर सफल हो सकती है, तो अन्य राज्यों में भी इससे सीख लेकर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की सफलता पर टिप्पणी करते हुए नरेंद्र मोदी और अमित शाह की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक क्षमता की सराहना की। थरूर ने कहा कि भाजपा ने इन राज्यों में पेशेवर ढंग से अभियान चलाया और संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया, जिससे उन्हें सफलता मिली। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि राजनीति का संदेश देश को जोड़ने वाला होना चाहिए, न कि विभाजनकारी।
विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने की दिशा में बढ़त बनाई है, जबकि असम में एनडीए ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की। वहीं, विजय की पार्टी टीवीके ने तमिलनाडु में 108 सीटें जीतकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए। केरल में यूडीएफ को प्रचंड जीत मिली, जबकि पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस (एएनआरसी) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपनी स्थिति बरकरार रखी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “महाभियोग का मुद्दा पूरी तरह से सुलझा नहीं है क्योंकि पीठासीन अधिकारियों द्वारा इसे खारिज कर दिया गया है, लेकिन मेरा मानना है कि इसे आगे विचार के लिए उच्च स्तर पर भेजा गया है… सीज़र की पत्नी वाली कहावत सच है। (Kerala New Chief Minister Name) किसी को भी सीज़र की पत्नी के व्यवहार पर संदेह करने का अधिकार नहीं होना चाहिए, और यही बात चुनाव आयोग पर भी लागू होती है, क्योंकि हम सभी हर चुनाव में अपने लोकतंत्र का भविष्य और आत्मसम्मान चुनाव आयोग के हाथों में सौंपते हैं। उनकी व्यावसायिकता और ईमानदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है…”
उन्होंने आगे कहा, “बंगाल में, टीएमसी को अब हार का स्वाद चखने के बाद, यह देखना बाकी है कि क्या वे गठबंधन में फिर से एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर पर हमारे साथ काम करेंगे। लोकसभा में उनकी मजबूत उपस्थिति है, और उनके सांसद एक मजबूत संगठित गठबंधन में बड़ी संपत्ति साबित होंगे। हमने इसे परिसीमन विधेयक के विरोध के दौरान देखा, जिसे सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में लाया था… टीएमसी की राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, और हम सभी के सहयोग से, हम भारत के साथ एक मजबूत गठबंधन बनाएं।”
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala | On the impeachment motion against CEC Gyanesh Kumar, Congress MP Shashi Tharoor says, “The impeachment issue is not totally settled because though it has been rejected by the presiding officers, I believe it has gone up the chain for further… pic.twitter.com/e9pQ2pYX8f
— ANI (@ANI) May 4, 2026