Assam Assembly Election 2026 Result: असम में भाजपा की आंधी उड़ी कांग्रेस! हिमंता बिस्वा सरमा ने लगाई जीत की हैट्रिक, खुद की सीट भी नहीं बचा पाए PCC चीफ

Assam Assembly Election 2026 Result: असम में भाजपा की आंधी उड़ी कांग्रेस! हिमंता बिस्वा सरमा ने लगाई जीत की हैट्रिक, खुद की सीट भी नहीं बचा पाए PCC चीफ

Assam Assembly Election 2026 Result: असम में भाजपा की आंधी उड़ी कांग्रेस! हिमंता बिस्वा सरमा ने लगाई जीत की हैट्रिक, खुद की सीट भी नहीं बचा पाए PCC चीफ

Assam Assembly Election 2026 Result/Photo Credit: IBC24

Modified Date: May 4, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: May 4, 2026 4:06 pm IST

Assam Assembly Election 2026 Result: असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है और शुरुआती नतीजों में BJP तेजी से जीत के करीब जाते दिख रही है। राज्य की 126 सीटों में से अब तक आए रुझानों में भाजपा ने बढ़त बना ली है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट से जीत की हैट्रिक लगाया है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई जोरहाट सीट से चुनाव हार गए है। उन्हें भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने हराया है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 4 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं, जिनमें भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। धेमाजी सीट से भाजपा उम्मीदवार डॉ. रनोज पेगु विजयी रहे, जबकि मजबूत सीट बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के चरण बोरो ने जीती है। अब तक जारी आकड़ों के मुताबिक, भाजपा 78, कांग्रेस 24, बोडोलैंड पीपुल्‍स फ्रंट 9, असम गण परिषद 8, एआईयूडीएफ 2 और अन्‍य 3 सीट पर आगे हैं। आपको बता दें कि अभी भी मतगणना जारी है, कुछ ही देर में चुनाव आयोग फाइनल आकड़े जारी करेगी।

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी रुझानों के मुताबिक, 5 राउंड की मतगणना के बाद सीएम सरमा को 31,056 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार विदिशा को 13,842 वोट मिले हैं।

सत्ता के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 64 है

आपको बता दें कि असम की सत्ता पर काबिज होने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 64 है। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। नियम के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए सदन में बहुमत सिद्ध करना होता है। बहुमत के लिए कुल सीटों के आधे से कम से कम एक अधिक सीट की जरूरत होती है। यानी, जिस भी दल या गठबंधन के पास 64 या उससे अधिक विधायक होंगे, वह राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो इसे त्रिशंकु विधानसभा कहा जाता है, जहां चुनाव के बाद गठबंधन की भूमिका अहम हो जाती है।

 

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