Google Chrome New Features: Google Chrome का बड़ा धमाका! अब आपकी लोकेशन रहेगी पूरी तरह सीक्रेट! यह नया फीचर वेबसाइट्स से छिपा देगी आपकी सटीक पहचान!

Google Chrome New Features: Google Chrome Android पर नया फीचर ला रहा है जिससे यूजर्स खुद तय कर सकेंगे कि वेबसाइट्स उनकी लोकेशन कितनी सटीकता से देख सकें। इससे प्राइवेसी और बेहतर होगी और यूजर्स को ऑनलाइन ब्राउजिंग के दौरान अपनी लोकेशन शेयरिंग पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा।

Google Chrome New Features: Google Chrome का बड़ा धमाका! अब आपकी लोकेशन रहेगी पूरी तरह सीक्रेट! यह नया फीचर वेबसाइट्स से छिपा देगी आपकी सटीक पहचान!

(Google Chrome New Features/ Image Credit: Pexels)

Modified Date: May 11, 2026 / 11:57 am IST
Published Date: May 11, 2026 11:57 am IST
HIGHLIGHTS
  • Chrome में नया प्राइवेसी लोकेशन कंट्रोल फीचर
  • यूजर चुन सकेंगे सटीक या अनुमानित लोकेशन
  • वेबसाइट्स को अब सीमित लोकेशन डेटा मिलेगा

Google Chrome New Features: Google Chrome एंड्रायड यूजर्स के लिए एक नया फीचर रोल आउट कर रहा है। जिससे वेबसाइट्स अब यूजर की लोकेशन उतनी सटीक तरीके से नहीं देख पाएंगी जितनी पहले संभव थी। इस बदलाव का मकसद यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत बनाना है और बिना जरूरत के सटीक लोकेशन शेयरिंग को कम करना है।

सटीक और अनुमानित लोकेशन का विकल्प

इस नए अपडेट के बाद जब कोई वेबसाइट लोकेशन एक्सेस मांगेगी तो यूजर्स के पास दो विकल्प होंगे सटीक GPS लेवल लोकेशन या फिर एक अनुमानित लोकेशन। पहले ज्यादातर मामलों में वेबसाइट्स को सीधी और सटीक लोकेशन मिल जाती थी। लेकिन अब यह कंट्रोल यूजर के हाथ में होगा।

किन सेवाओं में कौन सा लोकेशन काम आएगा

गूगल का कहना है कि अनुमानित लोकेशन लोकल वेदर अपडेट, न्यूज और सामान्य जानकारी वाली सेवाओं के लिए पर्याप्त होगी। वहीं नेविगेशन, फूड डिलीवरी, ट्रैकिंग और नजदीकी जगहों को खोजने जैसी सेवाओं के लिए सटीक लोकेशन का विकल्प अभी भी उपलब्ध रहेगा। ताकि जरूरी काम प्रभावित न हों।

प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर फोकस

गूगल का मकसद यह है कि बिना जरूरत के यूजर की सटीक लोकेशन वेबसाइट्स के पास न पहुंचे। इससे डेटा लीक या गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा। साथ ही यूजर को यह भी आजादी मिलेगी कि वह तय कर सके कि कौन सी वेबसाइट को कितना डेटा देना है।

डेस्कटॉप और डेवलपर्स के लिए बदलाव

यह फीचर फिलहाल एंड्रॉयड पर उपलब्ध कराया जा रहा है और आने वाले समय में इसे डेस्कटॉप पर भी लाया जाएगा। साथ ही गूगल नए APIs भी ला रहा है जिससे वेब डेवलपर्स तय कर सकेंगे कि उन्हें सटीक लोकेशन चाहिए या अनुमानित डेटा। कंपनी ने डेवलपर्स को सलाह दी है कि वे जरूरत पड़ने पर ही सटीक लोकेशन का इस्तेमाल करें।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।