Home » Jagdalpur » Jagdalpur Cyber Crime: Taking advantage of the innocence of the girl, he kept doing this crime for 6 years, the youth from MP made her a victim by showing big dreams
Jagdalpur Cyber Crime: युवती के भोलेपन का फायदा उठाकर 6 साल तक करता रहा ये कांड, एमपी के युवक ने बड़े-बड़े सपने दिखाकर बनाया शिकार
Ads
युवती के भोलेपन का फायदा उठाकर 6 साल तक करता रहा ये कांड...Jagdalpur Cyber Crime: Taking advantage of the innocence of the girl
जगदलपुर: Jagdalpur Cyber Crime: जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर ठग ने एक युवती की मासूमियत का फायदा उठाते हुए उसे लगातार छह वर्षों तक ठगी का शिकार बनाया। इस दौरान आरोपी ने युवती से किस्तों में कुल 9 लाख रुपये ऐंठ लिए।
Jagdalpur Cyber Crime: मामला बस्तर थाना क्षेत्र के कन्या आईटीआई परिसर का है जहां रहने वाली पीड़िता अरुणा साहू को वर्ष 2019 में एक अज्ञात कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लकी ड्रॉ में कार जीतने की झूठी सूचना दी और इनाम प्राप्त करने के बहाने 5 लाख रुपये अपने बताए गए खाते में जमा करवाने को कहा। पीड़िता ने विश्वास में आकर रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद आरोपी ने लगातार संपर्क में रहकर विभिन्न बहानों से छोटे-छोटे किश्तों में और भी पैसे मांगता रहा। इस तरह से आरोपी ने धीरे-धीरे कुल 9 लाख रुपये वसूल लिए।
Jagdalpur Cyber Crime: अंततः लंबे समय तक ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता को संदेह हुआ और उसने हिम्मत जुटाकर बस्तर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की और साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान की। पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र कुशवाहा को मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार कर ली है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।
साइबर ठगी एक ऐसा अपराध है जिसमें इंटरनेट, मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके किसी व्यक्ति को धोखे से पैसे, जानकारी या संवेदनशील डेटा देने के लिए बहकाया जाता है।
"साइबर ठगी" से कैसे बचा जा सकता है?
किसी अनजान कॉल, ईमेल या मैसेज में दिए गए ऑफर या इनाम पर विश्वास न करें। किसी को भी अपने बैंक डिटेल्स, OTP या पर्सनल जानकारी शेयर न करें। हमेशा जानकारी की पुष्टि करें।
अगर "साइबर ठगी" हो जाए तो क्या करें?
तत्काल स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत की जा सकती है।
क्या "साइबर ठगी" के आरोपी को सज़ा मिलती है?
हां, भारतीय साइबर कानून के तहत साइबर ठगी एक दंडनीय अपराध है और दोषी पाए जाने पर जेल व जुर्माना दोनों की सजा हो सकती है।
जगदलपुर की इस "साइबर ठगी" की घटना में क्या कार्रवाई हुई?
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र कुशवाहा को मध्य प्रदेश के निवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।