भोपाल: 14 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या, पुलिस और परिजनों को मोबाइल गेम की लत की आशंका
भोपाल: 14 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या, पुलिस और परिजनों को मोबाइल गेम की लत की आशंका
भोपाल, चार फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 14 वर्षीय छात्र ने घर में कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पिपलानी थाना क्षेत्र के श्रीराम कॉलोनी में सोमवार दोपहर हुई इस घटना के समय छात्र घर में अकेला था जबकि उसके माता-पिता किसी कार्यक्रम में शरीक होने बाहर गए हुए थे।
पुलिस और परिजनों ने आशंका जताई है कि मोबाइल गेम की लत की वजह से छात्र ने यह कदम उठाया।
भोपाल के पुलिस उपायुक्त (जोन-2) विवेक सिंह ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि मृतक छात्र की पहचान अंश साहू के रूप में हुई है और वह राजधानी के एक प्रतिष्ठित स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था जबकि उसके माता-पिता एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला ‘फ्री फायर’ गेम से जुड़ा प्रतीत हो रहा है क्योंकि घटना वाले दिन भी छात्र ने गेम के कारण अपनी मां से डांट सुनी थी।
सिंह के अनुसार, मृतक अंश अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और पूर्व में इसी गेम की वजह से उसके दादा के बैंक खाते से 28 हजार रुपये कट चुके थे।
उन्होंने कहा कि ऐसे में पुलिस मोबाइल फोन और अन्य पहलुओं से भी जांच में जुटी है।
सिंह ने बताया कि आत्महत्या की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस इस गेम को लेकर परामर्श जारी करगी।
इस बीच, परिजनों ने भी आशंका जताई है कि अंश ने मोबाइल की लत की वजह से आत्महत्या की है।
मृतक के मामा ओम साहू ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा कि अंश बीते कुछ समय से मोबाइल गेम का आदी हो गया था, जिसका असर उसकी पढ़ाई पर पड़ने लगा था।
उन्होंने कहा कि इससे परेशान होकर परिजनों ने उसे कई बार समझाया।
ओम साहू ने कहा कि बैंक खाते से 28 हजार रुपये कट जाने के बाद भी अंश की लत नहीं छूटी तो माता-पिता ने उसका फोन अपने पास रख लिया।
पिपलानी थाने के प्रभारी चंद्रिका यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि डेढ़ महीने पहले भी अंश से फोन छीन लिया गया था और कुछ दिन पहले ही उसे फोन वापस मिला था पर वह फिर से गेम खेलने लगा।
अंश के मामा ने कहा, ‘गेम में कई बार कठिन टास्क मिलते थे, जिसे पूरा न कर पाने के कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इस मामले में ‘फ्री फायर गेम’ से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’
उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन अंश के माता-पिता किसी कार्यक्रम के लिए बाहर गए थे और वापस आने पर वह उन्हें फंदे से लटका मिला।
साहू ने कहा कि आनन फानन में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने अंश को मृत घोषित कर दिया।
मृतक परिवार के पड़ोस में रहने वाले गिरीश शर्मा के अनुसार अंश स्वभाव से शांत था परंतु बीते कई दिनों से गेम के कारण अकेलेपन का शिकार था।
उन्होंने कहा, ‘ऐसे गेम बच्चों की जान ले रहे हैं इसलिए इन्हें तत्काल रूप से प्रतिबंधित करना चाहिए।’
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ऑनलाइन गेम से जो मौतें हो रही हैं, इसे संज्ञान में लिया गया है और सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटनाएं फिर से ना हों।
भाषा ब्रजेन्द्र नोमान
नोमान

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