CM Mohan Yadav on Kolkata OBC Case Order: 'इतनी बेशर्मी से बनर्जी ये कह रही हैं मैं कोर्ट के फैसले को नहीं मानती..' सीएम मोहन यादव का ममता पर आक्रामक हमला |CM Mohan Yadav on Kolkata OBC Case Order

CM Mohan Yadav on Kolkata OBC Case Order: ‘इतनी बेशर्मी से बनर्जी ये कह रही हैं मैं कोर्ट के फैसले को नहीं मानती..’ सीएम मोहन यादव का ममता पर आक्रामक हमला

CM Mohan Yadav on Kolkata OBC Case Order: 'इतनी बेशर्मी से बनर्जी ये कह रही हैं मैं कोर्ट के फैसले को नहीं मानती..' सीएम मोहन यादव का ममता पर आक्रामक हमला

Edited By :   Modified Date:  May 23, 2024 / 04:33 PM IST, Published Date : May 23, 2024/4:26 pm IST

CM Mohan Yadav on Kolkata OBC Case Order: भोपाल। ममता बनर्जी पर मध्यप्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने आक्रमक हमला किया है। बिहार के गया में प्रचार के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव के तीखे तेवर देखने को मिला। सीएम ने कहा कि बनर्जी ने राजनैतिक तुष्टीकरण की राजनीति की है। ‘बनर्जी ने 5 लाख लोगों का आरक्षण एससी-एसटी से लेकर मुस्लिमों को दिया।’

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सीएम मोहन यादव ने कहा कि ये गलती कांग्रेस ने आंध्र और कर्नाटक में की थी। ये संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। केवल राजनैतिक स्वार्थ, तुष्टीकरण के कारण कांग्रेस, बनर्जी, सपा ये कर रही हैं । कोर्ट के आदेश के बाद सब साफ है, इनको माफी मांगना चाहिए। इतनी बेशर्मी से बनर्जी ये कह रही है मैं कोर्ट के फैसले को नहीं मानती। ये वो मानसिकता है जिसकी वजह से देश का बंटवारा हुआ। ये वापस देश में बंटवारे के बीज बो रही हैं। ये गंदा खेल खेल रहे हैं।

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राहुल गांधी पर भी बरसते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि अतीत में उनकी पीढ़ियों ने भी SC, ST, OBC के साथ अन्याय किया था। बाबा अंबेडकर को इन्होंने भारत रत्न तक नहीं दिया। ये देश में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। बता दें कि कलकत्ता  हाई कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी अन्य पिछड़ी जातियों यानी ओबीसी के सारे प्रमाणपत्र रद्द करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस राजशेखर मंथर की बेंच ने कहा कि 2011 से प्रशासन ने किसी नियम का पालन किए बगैर ओबीसी सर्टिफिकेट जारी कर दिए।

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हाई कोर्ट की बेंच ने बुधवार को कहा कि इस तरह से ओबीसी सर्टिफिकेट देना असंवैधानिक है। यह सर्टिफिकेट पिछड़ा वर्ग आयोग की कोई भी सलाह माने बगैर जारी किए गए। इसलिए इन सभी सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया गया है। हालांकि यह आदेश उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें पहले नौकरी मिल चुकी या मिलने वाली है। अदालत के इस फैसले से करीब पांच लाख सर्टिफिकेट रद्द होने वाले हैं। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग कानून, 1993 के आधार पर ओबीसी की नई सूची पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग तैयार करेगी।

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