Rani Avanti Bai Museum Dindori : रानी अवंतीबाई का शौर्य अब इस ज़िले के संग्रहालय में, CM डॉ. मोहन यादव ने किया भव्य म्यूजियम का लोकार्पण, ,बोले- मेरे हृदय के करीब है ये जिला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस पर डिंडोरी में एक करोड़ रुपये की लागत से बने संग्रहालय का लोकार्पण किया और कहा कि वीरांगनाओं की विरासत नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।
Rani Avanti Bai Museum Dindori / Image Source : x
- डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की स्मृति में 1 करोड़ रुपये का संग्रहालय शुरू।
- संग्रहालय में फोटो गैलरी और ऐतिहासिक शस्त्र प्रदर्शित किए गए।
- मुख्यमंत्री ने डिंडोरी की स्वास्थ्य और बेटियों से जुड़ी उपलब्धियों की भी सराहना की।
भोपाल :Rani Avanti Bai Museum Dindori मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है। रानी दुर्गावती से लेकर रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई तक हमारी लोकनायिकाओं और वीरांगनाओं ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई ने जो बलिदान दिया, वह सदियों-सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी अवंतीबाई के अटल साहस और अमर त्याग को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय हमें रानी अवंतीबाई के बल और बलिदान की याद दिलाता रहेगा। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और उनके शस्त्र हमारी आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ते हुए अपने नायकों के पराक्रम को भी याद कर रहे हैं। CM Dr. Mohan Yadav Latest News उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म तत्कालीन सिओनी (वर्तमान सिवनी) जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। कहते हैं कि रणभूमि में उनकी तलवार जब चलती थी, तो अंग्रेजों के हौसले पस्त हो जाते थे। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की भूमिका ठीक वैसी ही थी, जैसी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई की। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ाकर कायरता दिखाई, तब इस पूरे क्षेत्र में क्रांति की मशाल रानी अवंती बाई ने अपने हाथ में ली थी। सन् 1857 की क्रांति में रानी अवंतीबाई ने रेवांचल में मुक्ति आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद सन् 1858 में जब अंग्रेजों ने एक विशाल सेना के साथ उन पर हमला किया, तब भी रानी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। अपने मान-सम्मान और देश की अस्मिता के लिए उन्होंने लड़ते-लड़ते, हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रानी अवंती बाई की शहादत को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिला उनके हृदय के करीब है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिला प्रशासन डिंडोरी ने एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच की। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी का नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। 14 से 15 साल की बेटियों को टीकाकरण (एचपीवी अभियान) में भी डिंडोरी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए डिंडोरी जिले में ‘पंखिनी अभियान’ चलाया जा रहा है। इसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। यह एक अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए जिला प्रशासन डिंडोरी को बधाई भी दी।
डिंडोरी जिले के ग्राम बालपुर में हुए रानी अवंती बाई बलिदान दिवस कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार, जनपद पंचायत डिंडोरी की अध्यक्ष आशा सिंह, उपाध्यक्ष राजकुमारी बाई ठाकुर, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नरेन्द्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
महान वीरांगना रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों का वीरतापूर्वक डटकर सामना किया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके साहस, संघर्ष और बलिदान को यह राष्ट्र सदियों तक याद रखेगा।
आज उनके बलिदान दिवस पर शहपुरा, डिंडोरी में आयोजित कार्यक्रम में भोपाल से वर्चुअली जुड़कर श्रद्धांजलि अर्पित की और… pic.twitter.com/kCJuCi9pQ8
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 20, 2026
इन्हे भी पढ़ें:-
- Simhastha 2028: सिंहस्थ-2028 में सनातन संस्कृति का वैभव देखेगी दुनिया, उज्जैन के राम घाट पर हुआ भव्य आयोजन, ड्रोन और लेजर शो से बना भक्तिमय माहौल
- Jal Jeevan Mission 2.0: छत्तीसगढ़ में लिखा जाएगा जल क्रांति का नया अध्याय, ग्रामीण जल व्यवस्था होगी और भी बेहतर, जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर हुआ एमओयू
- TMC Manifesto For Assembly Election 2026: ममता ने झोंकी ताकत.. घोषणापत्र के वादे जानकर रह जायेंगे हैरान, युवाओं-महिलाओं के लिए दीदी ने खोल दिया खजाना

Facebook


