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Dr Mohan Yadav on Caste Census: सीएम डॉ मोहन यादव ने की कैबिनेट के फैसलों की सराहना.. कहा, जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय ऐतिहासिक

Dr Mohan Yadav on Caste Census

Dr Mohan Yadav on Caste Census || Image- IBC24 News File

Dr Mohan Yadav on Caste Census: भोपाल: आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने साहसिक निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री और कैबिनेट के सदस्यों की प्रशंसा की है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, यशस्वी प्रधानमंत्री “नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में CCPA की बैठक में, आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

दशकों तक कांग्रेस और इनके सहयोगी दलों ने सत्ता के लोभ में वोट बैंक की राजनीति कर जातिगत जनगणना का विरोध किया, जबकि वर्तमान में विपक्ष में रहते हुए इस पर राजनीति कर रही थी। जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं होंगे, बल्कि देश के गरीब, पिछड़े, कमजोर और वंचित नागरिकों के जीवन में बदलाव के संवाहक बनेंगे।

Dr Mohan Yadav on Caste Census: निश्चित रूप से यह अभूतपूर्व निर्णय नए भारत में सामाजिक समरसता, समानता एवं सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करेगा। आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं केंद्रीय कैबिनेट के सभी सदस्यों का संपूर्ण मध्यप्रदेश वासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करता हूं।

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छत्तीसगढ़ के सीएम ने किया कांग्रेस प्रहार

सोशल मीडिया पर किये पोस्ट में छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा, “यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आगामी जनगणना में जातियों की गणना को भी सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। सामाजिक सद्भाव और देश के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से यह निर्णय अभिनंदनीय है।”

कांग्रेस पर साधा निशाना

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस पार्टी, आजादी के बाद से ही हमेशा जातिगत जनगणना का विरोध करती आई है। आजादी के बाद की किसी भी जनगणना में कांग्रेस ने जातियों की गणना नहीं की। यहां तक कि वर्ष 2010 में, तत्कालीन कांग्रेसनीत यूपीए सरकार में अधिकांश राजनीतिक दलों में जाति जनगणना पर सहमति थी, लेकिन कांग्रेस ने तब भी इसे होने नहीं दिया था। अब भी वह जातियों को आपस में लड़ा कर केवल अपना राजनीतिक हित साधना चाह रही थी।”

Dr Mohan Yadav on Caste Census: सीएम ने लिखा कि, “जनगणना केंद्र का विषय है, लेकिन कई राज्यों ने सर्वे के माध्यम से जातियों की जनगणना की है। अनेक राज्यों में यह बिल्कुल राजनीतिक ढंग से किया गया है। ऐसे सर्वें से समाज के सद्भाव को नुकसान पहुंचा है। ऐसी परिस्थितियों में सामाजिक ताना-बाना को मजबूत करने जनगणना के माध्यम से जातियों की गणना को भी सम्मिलित करना ऐतिहासिक निर्णय है। छत्तीसगढ़वासी इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हैं, 3 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सहृदय आभार!”

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने देश में आगामी जनगणना के साथ जातीय जनगणना कराने का निर्णय लिया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स (CCPA) की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।

वैष्णव ने कहा कि देश में 1947 के बाद से जातीय जनगणना नहीं हुई, जबकि कांग्रेस सरकारों ने केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से जाति सर्वेक्षण कराए। उन्होंने कहा, “जातीय जनगणना को मूल जनगणना में सम्मिलित किया जाना चाहिए। यह समाज की संरचना को समझने और नीतियों के निर्माण में सहायक होगा।”

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें तीन बड़े फैसले लिए गए जिनमें जाति जनगणना कराने का ऐलान शामिल है। इसके अलावा मेघालय से असम के लिए नए कॉरिडोर को मंजूरी दी गई। 166 किमी. के इस हाइवे के लिए 22 हजार करोड़ से ज्यादा के बजट को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने गन्ना किसानों को भी बड़ी सौगात दी। सरकार ने गन्ने का एफआरपी बढ़ाने का फैसला लिया है। पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल की कोई बैठक नहीं हुई थी और केवल सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की 23 अप्रैल को बैठक हुई थी और उसने आतंकी हमले की निंदा की थी।

Dr Mohan Yadav on Caste Census: इससे पहले पिछली सीसीएस की बैठक के बाद भारत ने पिछले बुधवार को पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने सहित कई उपायों की घोषणा की थी। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के सीमापार संबंधों के मद्देनजर पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने, छह दशक से अधिक पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करने की घोषणा की।

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गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना में पाकिस्तान का हाथ होने की बात सामने आई है। भारत ने कुल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने का खुलासा किया है। भारत ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद एक कार्रवाई जारी रखी है और सिंधु जल समझौता तोड़ने के बाद सोमवार को पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स से जुड़ी सामग्री को भी बैन करने का फैसला किया है।

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