Railway Silver Coin Scam: रेलवे ने अपने कर्मचारी के साथ किया खेला! रिटायरमेंट के समय दिए थे चांदी के सिक्के, सारे निकले नकली, ऐसे खुली पोल

Railway Silver Coin Scam: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पश्चिम मध्य रेलवे का यह रिवाज इस बार कर्मचारियों के लिए दुखद साबित हुआ।

Railway Silver Coin Scam: रेलवे ने अपने कर्मचारी के साथ किया खेला! रिटायरमेंट के समय दिए थे चांदी के सिक्के, सारे निकले नकली, ऐसे खुली पोल

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Modified Date: January 14, 2026 / 12:29 pm IST
Published Date: January 14, 2026 12:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पश्चिम मध्य रेलवे रिटायरमेंट सम्मान विवाद
  • चांदी के सिक्के निकले नकली
  • सिक्कों में चांदी केवल 0.23%

भोपाल: सम्मान के साथ रिटायर होना हर किसी के जीवन का खास पल होता है। गुलदस्ता, पुरस्कार और कई बार पैसे या चांदी के सिक्कों से कर्मचारियों का सम्मान किया जाता है। लेकिन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पश्चिम मध्य रेलवे का यह रिवाज इस बार कर्मचारियों के लिए दुखद साबित हुआ। रिटायरमेंट के अवसर पर रेलवे जो चांदी के सिक्के अपने कर्मचारियों को दे रहा था, वे कथित तौर पर नकली निकले।

Railway News: रिटायरमेंट समारोह में कर्मचारी को मिला था चांदी का सिक्का

सूत्रों के अनुसार, अगस्त महीने में रिटायर हुए पश्चिम मध्य रेलवे के कर्मचारी डीके गौतम को रिटायरमेंट सम्मान समारोह में चांदी का सिक्का दिया गया था। यह सिक्का उन्होंने अपने घर में रेलवे की याद के रूप में सजाकर रखा। जिंदगी के इस खास दिन पर चांदी का सिक्का मिलने की खुशी में उनका मन खुशी से भर गया था। लेकिन यह खुशी लंबे समय तक नहीं टिक सकी।

Railway Silver Coin Scam: सिक्कों में सिर्फ 0.23 प्रतिशत ही चांदी

कथित तौर पर सिक्कों में सिर्फ 0.23 प्रतिशत ही चांदी थी, जबकि बाकी पूरा सिक्का तांबे का बना हुआ था। यह सच तब सामने आया जब डीके गौतम को सिक्के को बेचने की जरूरत पड़ी और उन्होंने सिक्का सुनार को चेक कराया। सुनार ने तुरंत बताया कि सिक्का नकली है। इस खुलासे ने कर्मचारियों में गहरा आक्रोश और नाराजगी पैदा कर दी।

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Railway Employee News: रेलवे ने कार्रवाई का आदेश दिया

रेलवे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई का आदेश दे दिया है। पश्चिम मध्य रेलवे ने सिक्के बनाने वाली फर्म ‘मेसर्स वायबल डायमंड्स’ के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह न केवल कर्मचारियों की भावनाओं के साथ धोखा है, बल्कि सरकारी सम्मान के नाम पर एक गंभीर वित्तीय और कानूनी उल्लंघन भी है।

रेलवे कर्मचारी संघ ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि रिटायरमेंट एक यादगार दिन होता है और इसमें सम्मान के लिए दिए गए चांदी के सिक्के जैसे प्रतीक महत्वपूर्ण होते हैं। इस तरह का धोखा कर्मचारियों के मनोबल और विश्वास को ठेस पहुंचाता है।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।