मप्र में एसआईआर की आड़ में पात्र मतदाताओं के नाम काटने की साजिश : कांग्रेस
मप्र में एसआईआर की आड़ में पात्र मतदाताओं के नाम काटने की साजिश : कांग्रेस
इंदौर, 30 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारियों के इशारे पर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से काटे जाने की साजिश की जा रही है।
भाजपा ने इस आरोप को खारिज करते हुए दावा किया कि कांग्रेस बांग्लादेश के घुसपैठियों और रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में अवैध तौर पर मताधिकार दिलाने के लिए एसआईआर का विरोध कर रही है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य भर में भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर एसआईआर की आड़ में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से काटे जाने की कोशिश की जा रही है। यह साजिश के तहत वोट चोरी का मामला है। हम इसके खिलाफ संबंधित भाजपा पदाधिकारियों के साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।’’
इंदौर, पटवारी का गृहनगर है और वह शहर के राऊ क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वह राऊ में कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी हैं।
पटवारी ने दावा किया कि भाजपा पदाधिकारियों ने एसआईआर की आड़ में राऊ के एक मतदान केंद्र पर 40 से 50 पात्र मतदाताओं के नामों पर ‘निराधार और अवैधानिक’ आपत्ति जताई है, जबकि ये मतदाता तमाम जरूरी दस्तावेजों के साथ एसआईआर के फॉर्म बीएलओ को पिछले महीने जमा चुके हैं।
उन्होंने कहा,‘‘भाजपा के पदाधिकारी राज्य भर में पात्र मतदाताओं को उनके संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कानूनन अपराध है।’’
इस बीच, पटवारी ने राऊ में एसआईआर की प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए राजेंद्र नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की शिकायत को लेकर जांच की जा रही है और फिलहाल इस पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
उधर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता आलोक दुबे ने पटवारी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि एसआईआर के तहत मतदाताओं के बारे में दावे-आपत्तियां बुलाया जाना निर्वाचन आयोग की एक नियमित प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा,’ कांग्रेस एसआईआर का विरोध कर रही है ताकि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में अवैध तौर पर मताधिकार दिला सके।’
भाषा
हर्ष रवि कांत

Facebook


