Damoh News in Hindi: दमोह। एमपी के दमोह जिले में गुरुवार सुबह एक हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। सर्च ऑपरेशन के दौरान हिस्ट्रीशीटर कासिम कसाई ने फायरिंग कर दी, जिसमें सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई) आनंद अहिरवार घायल हो गए। जबकि हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर बाल बाल बच गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कासिम भी पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का भी बयान सामने आ गया है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि दमोह और छतरपुर के मामलों को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह खराब हो चुकी है। अब सरकार से कानून संभल नहीं रहा है।
पुलिस ने दी पूरी मामले की जानकारी
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि यह घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे मराहर गांव में हुई। कासिम कसाई के खिलाफ गोकशी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी को पुलिस ने बुधवार रात नागपुर से गिरफ्तार किया था और उसे दमोह लाकर पूछताछ की जा रही थी। पुलिस टीमें उसके अलग-अलग ठिकानों पर छिपाए गए हथियार और अन्य सामान बरामद करने में जुटी थीं।
इसी सिलसिले में एक टीम कासिम को लेकर मराहर गांव पहुंची। वहां सर्च ऑपरेशन के दौरान कासिम ने मौका पाकर झाड़ियों में छिपाई गई एक रिवॉल्वर निकाली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली एएसआई आनंद अहिरवार (45) के बाएं हाथ में लगी, जबकि दूसरी गोली थाना प्रभारी के बाजू को छूते हुए निकल गई। हमले के बाद कासिम अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली मार दी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी ने बताया कि घायल एएसआई आनंद अहिरवार को तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, कासिम कसाई को सागर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि कासिम लंबे समय से फरार था और हाल ही में 7 मार्च को दमोह के सीताबाबली इलाके में गोकशी के एक मामले में उसकी संलिप्तता सामने आई थी।

