शह मात The Big Debate: हिंदी वाले MBBS.. मिले तो बताइएगा! विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, क्या सिर्फ सियासत के लिए होता रहेगा हिंदी का इस्तेमाल?
Hindi MBBS Politics in MP: एमपी में अगले महीने चार साल हो जाएंगे मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में शुरू किए। लेकिन एक भी छात्र ने एडमिशन नहीं लिया।
- एमपी में अगले महीने चार साल हो जाएंगे मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में शुरू किए।
- लेकिन एक भी छात्र ने एडमिशन नहीं लिया।
- इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।
हालांकि इसमें फ़र्क करना मुश्किल है कि सरकार ने ये अभियान अपनी पार्टी के एजेंडे को आगे बढाने के लिए शुरू किया था या ग्रामीण इलाके के स्टूडेंट्स की मदद के लिए भाजपा से जुड़ा स्टूडेंट विंग भला अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना करेगा। ABVP का कहना है कि हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए सरकार का ये बेहतर कदम है। (Hindi MBBS Politics in MP)
Hindi MBBS Politics in MP: सवाल ये है कि अकेले दस करोड़ रुपयों का खर्च मेडिकल की हिंदी की किताबों को तैयार करने और बाकी व्यस्व्था में किया गया उसका हासिल क्या हुआ? इसी तरह हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई में सीटों की तुलना में बहुत कम स्टूडेंट्स का आना क्या साफ़ नहीं झलका रहा कि स्टूडेंट को पसंद ही नहीं ये पहल.. बड़ा सवाल ये भी कि क्या हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई के बाद कोई बहुत क़ाबिल डॉक्टर बन भी सकता है।
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