संघ की प्रार्थना के सांकेतिक भाषा संस्करण को भागवत ने ऑनलाइन पेश किया

संघ की प्रार्थना के सांकेतिक भाषा संस्करण को भागवत ने ऑनलाइन पेश किया

Modified Date: September 22, 2021 / 09:50 pm IST
Published Date: September 22, 2021 9:50 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 22 सितंबर (भाषा) इंदौर में सांकेतिक भाषा के जानकार एक दम्पति ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में गाई जाने वाली प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ का इशारों की जुबान में अनुवाद करते हुए इसका वीडियो तैयार किया है।

संघ के एक स्थानीय पदाधिकारी ने बुधवार को बताया कि आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने अपने इंदौर दौरे में सांकेतिक भाषा के जानकार ज्ञानेंद्र पुरोहित तथा उनकी पत्नी मोनिका पुरोहित से भेंट की और इस वीडियो को दम्पति के यूट्यूब चैनल पर अनौपचारिक रूप से जारी किया।

ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया, ‘‘हमने संघ की प्रार्थना का सांकेतिक भाषा संस्करण इसलिए तैयार किया है ताकि मूक-बधिर समुदाय के लोग भी इसका मतलब जान सकें और इशारों की जुबान में इसे प्रस्तुत कर सकें।’

संघ के पदाधिकारी ने बताया कि भागवत दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को इंदौर आए थे। इस दौरे में उन्होंने समाज के अलग-अलग तबके के लोगों से भेंट की।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए जारी सरकारी दिशा-निर्देशों के मद्देनजर इस दौरे में भागवत का नातो कोई सार्वजनिक कार्यक्रम रखा गया, नाहीं वह किसी बड़ी बैठक में शामिल हुए।

भाषा हर्ष अर्पणा

अर्पणा


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