LPG Cylinder Allotment System: शहर में कितने होटल और रेस्टोरेंट?.. जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों से माँगी लिस्ट, जानें कैसे तैयार होगी सप्लाई की सूची
Madhya Pradesh LPG Cylinder Allotment System: इंदौर में कमर्शियल LPG सिलेंडर वितरण शुरू, होटल खपत के आधार पर 30-50% आपूर्ति तय की जाएगी।
Madhya Pradesh LPG Cylinder Allotment System || Image- IBC24 News File
- इंदौर में LPG आपूर्ति प्रक्रिया शुरू
- होटल खपत के आधार पर सूची तैयार
- 30 से 50 प्रतिशत आपूर्ति संभव
इंदौर: शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों से होटलों की संख्या और प्रत्येक होटल में सिलेंडरों की खपत का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। सभी एजेंसियों को आज शाम तक अपनी-अपनी सूची जिला प्रशासन को सौंपनी होगी। (Madhya Pradesh LPG Cylinder Allotment System) इसके आधार पर डिमांड लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसके अनुसार आगे सप्लाई का निर्धारण किया जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मांग के अनुरूप 30 से 50 प्रतिशत तक ही सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी।
सिलेंडर के लिए नया सिस्टम लागू
प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए अलग-अलग सेक्टर के लिए तय प्रतिशत के आधार पर सिलेंडर आवंटन की व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के पीछे सरकार का मकसद आवश्यक सेवाओं और संस्थानों को प्राथमिकता देते हुए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
जानें किस सेक्टर को कितना फ़ीसदी अलॉटमेंट
नई व्यवस्था के तहत प्राथमिकता 1 में शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को 30 प्रतिशत तक आवंटन किया जाएगा, जिसमें उनकी आवश्यकता के अनुसार 100 प्रतिशत तक आपूर्ति की जा सकेगी। (Madhya Pradesh LPG Cylinder Allotment System) प्राथमिकता 2 में पुलिस, सुरक्षा बल, केंद्रीय व राज्य सेवाएं, महिला एवं बाल विकास संस्थान और आश्रय स्थलों जैसी आवश्यक सेवाओं को 35 प्रतिशत आवंटन मिलेगा। वहीं प्राथमिकता 3 के तहत होटल (9%), रेस्टोरेंट/कैंटीन (9%) और ढाबा/स्ट्रीट फूड (7%) को शामिल किया गया है। प्राथमिकता 4 में 5 प्रतिशत गैस फूड प्रोसेसिंग, पॉल्ट्री और डेयरी जैसे उद्योगों को दी जाएगी, जबकि प्राथमिकता 5 में अन्य उद्योगों और उपयोग के लिए 5 प्रतिशत आवंटन तय किया गया है।
ऑनलाइन बुकिंग और रिकॉर्ड रखना जरूरी
विभाग ने जमाखोरी रोकने के लिए भी सख्त उपाय किए हैं। इसके तहत पिछले तीन महीनों की खपत के आधार पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही ऑनलाइन बुकिंग और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रतिशत से अधिक सिलेंडर का आवंटन नहीं किया जाएगा।
देशभर में गहराया संकट
गौरतलब है कि, केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम दावों के बीच एलपीजी सिलेंडर का संकट बाजार में साफतौर पर देखा जा सकता है। कई जगहों पर रेस्टोरेंट और कैंटीन पहले ही बंद किये जा चुके है। (Madhya Pradesh LPG Cylinder Allotment System) सरकार ने इस स्थिति से निबटने के लिए पहले ही देशभर में ESMA लागू कर दिया है। सभी को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी व जमाखोरी को रोकने भी सरकार प्रयास कर रही है। कई जगहों पर छापेमारी के बाद बड़े पैमाने पर सिलेंडर भी जब्त किये जा चुके है। मध्य-एशिया में जारी युद्ध की वजह से आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट के गहराने की आशंका जताई जा रही है।
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