मध्यप्रदेश सरकार ने संविदा कर्मियों और अधिकारियों के मानदेय में 4.46 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी

मध्यप्रदेश सरकार ने संविदा कर्मियों और अधिकारियों के मानदेय में 4.46 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी

मध्यप्रदेश सरकार ने संविदा कर्मियों और अधिकारियों के मानदेय में 4.46 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी
Modified Date: June 8, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: June 8, 2026 10:13 pm IST

भोपाल, आठ जून (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने संविदा कर्मियों और अधिकारियों के मानदेय में 4.46 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि को मंजूरी दी है जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। राज्य वित्त विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।

विभाग ने कहा कि इस निर्णय से राज्य के लगभग 1.25 लाख संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

उसने कहा कि यह वृद्धि राज्य की संविदा नियुक्ति नीति के तहत दी गई है, जिसे 22 जुलाई 2023 को अधिसूचित किया गया था। नीति में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर हर वर्ष मानदेय संशोधन का प्रावधान है।

मध्यप्रदेश संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इस संशोधन से कर्मचारियों के मानदेय में उनके वेतनमान के अनुसार लगभग 1,000 रुपये से 2,500 रुपये प्रतिमाह तक की वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि महासंघ लंबे समय से सीपीआई आधारित वृद्धि लागू करने की मांग कर रहा था । उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।

राठौर ने कहा कि 2023 की नीति लागू होने से पहले विभिन्न विभागों में समान संविदा पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को अलग-अलग मानदेय मिलता था। नई नीति के तहत समान संविदा पदों के लिए सभी विभागों में एक समान मानदेय निर्धारित किया गया है।

नीति के अनुसार संविदा कर्मचारियों का मासिक मानदेय चपरासी के लिए 21,800 रुपये से लेकर सहायक अभियंता और सहायक प्रबंधक के लिए 70,000 रुपये तक निर्धारित है। इसमें हर वर्ष सीपीआई के अनुसार वृद्धि की जाती है।

महासंघ ने मांग की है कि जिन विभागों में 2023 की नीति अभी तक लागू नहीं हुई है, वहां भी संविदा कर्मचारियों को संशोधित मानदेय का लाभ दिया जाए।

राठौर के अनुसार, मध्यप्रदेश में ऐसे संविदा कर्मचारियों की कुल संख्या लगभग 1.50 लाख है।

भाषा दिमो राजकुमार

राजकुमार


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