मप्र: रायसेन के एक गांव में मलेशिया का वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण ‘रेडियो-सोंडे’ गिरा

मप्र: रायसेन के एक गांव में मलेशिया का वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण ‘रेडियो-सोंडे’ गिरा

मप्र: रायसेन के एक गांव में मलेशिया का वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण ‘रेडियो-सोंडे’ गिरा
Modified Date: January 29, 2026 / 01:18 pm IST
Published Date: January 29, 2026 1:18 pm IST

रायसेन (मध्यप्रदेश), 29 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के एक गांव में मलेशिया के वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण रेडियो-सोंडे के गिरने से कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर बेगमगंज क्षेत्र के ग्राम मरखंडी के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम आसमान से यह रेडियो-सोंडे गिरा, जिसे संदिग्ध यंत्र समझकर और किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।

बेगमगंज की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) सोनल गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यंत्र को जब्त कर लिया।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि मौसम विज्ञान में इस्तेमाल होने वाला रेडियो-सोंडे उपकरण है।

गुप्ता ने बताया इस उपकरण पर स्पष्ट रूप से मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग लिखा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि यह मलेशिया मूल का है।

पुलिस का मानना है कि ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचा है।

पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी उपकरण को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें।

अधिकारी ने बताया कि यंत्र के गिरने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे घबराहट में अपने घर छोड़कर इधर-उधर दूर खेतों की ओर भागने लगे।

रेडियो-सोंडे वायुमंडलीय डेटा संग्रह का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों का उपयोग किया जाता है, जो पृथ्वी की सतह से करीब 15-20 किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दाब, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड कर रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा प्रेषित करता है।

पुलिस के मुताबिक इस प्रकार के गुब्बारे अक्सर ‘प्रस्थान बिंदु’ से सैकड़ों किलोमीटर दूर गिरते हैं और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।

भाषा सं ब्रजेन्द्र

संतोष

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