Morena Crime News: अपराध का नया खेल, यहां इंसान नहीं, कुछ और हो रहा ‘किडनैप’, फिर फोनकर मांगी जा रही मोटी रकम

Ads

Morena Crime News: अपराध का नया खेल,यहां इंसान नहीं, कुछ और हो रहा ‘किडनैप’, फिर फोनकर मांगी जा रही मोटी रकम

Morena News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मुरैना जिले में भैंसों की “किडनैपिंग” का नया ट्रेंड
  • गिरोह बिचौलियों के जरिए फिरौती वसूल रहा है
  • कई पशुपालक जंगलों में जाकर खुद भैंसें खोजने को मजबूर

मुरैना: Morena Crime News मध्य प्रदेश के चंबल इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे, यहाँ अब इंसानों की नहीं बल्कि पशुओं की किडनैपिंग हो रही है और बाकायदा उनकी रिहाई के लिए फिरौती यानी पैसे मांगे जा रहा है।

मामला सुमावली क्षेत्र के राजघाटपुरा का है जहाँ एक परिवार अपने पोते की बारात लेकर गया था, लेकिन पीछे से चोरों ने उनके घर का ताला नहीं बल्कि तबेले की जंजीरें तोड़ दीं, और भैंसों का अपहरण कर फरार हो गए। इसके अलावा देखा जाए तो दो सैकड़ा से अधिक भैंस हैं राजस्थान और ग्वालियर इलाके में मुरैना से पहुंच चुकी हैं, जिनमें से कई लोगों ने तो पैसे देकर भैंसों को अपहरण मुक्त कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस की मदद न मिलने पर अब पूरा का पूरा समाज लाठियां लेकर जंगल में उतर आया है। चंबल के बीहड़ एक नए और अजीबोगरीब गुनाह के गवाह बन रहे हैं।

हैरान करने वाली बात ये है कि जिस पुलिस को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। वो साहेब चैन की नींद सो रहे हैं। आलम ये है कि अब गरीब किसान ग्रामीणों ने पुलिस की चौखट छोड़, लाठियां हाथ में लेकर खुद ही डकैतों की तलाश में बीहड़ों की खाक छान रहे हैं।

पुलिस की निष्क्रियता से नाराज कुशवाहा समाज के नेता धारा सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में करीब 80 से 100 लोग चंबल और सुमावली के घने जंगलों में उतर आए हैं, यहाँ बाकायदा डेरा डाला गया है। आरोप है कि बदमाश भैंस चोरी करने के बाद उन्हें जंगल में छिपा देते हैं और फिर बिचौलियों के जरिए फिरौती की मांग की जाती है। चौंकाने वाली बात यह है कि बिचौलिए पीड़ित को धमकाते भी हैं कि अगर पुलिस को नाम बताया तो भविष्य में पशुपालन नहीं करने देंगे।

सिस्टम की लाचारी की हद तो देखिए सुमावली थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर रहने वाली ममता बरैठा की 70 हजार की भैंस चोरी हो गई। थाने में आवेदन दिया गया लेकिन पुलिस ने हाथ पर हाथ धरे रखा आखिर में हार मानकर महिला के परिवार ने खुद ही बदमाशों से संपर्क किया और फिरौती देकर अपनी भैंस वापस लाई।

अब सवाल यह उठता है कि क्या चंबल में फिर से वो दौर लौट आया है जहाँ कानून का नहीं, बल्कि बदमाशों का खौफ चलेगा अगर पुलिस के नाक के नीचे से फिरौती का खेल चल रहा है,तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा फिलहाल 400 लोग जंगल में अपनी भैंसों की तलाश में भटक रहे हैं और सिस्टम गहरी नींद में है। ये खेल सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। राजस्थान बॉर्डर तक ये सिंडिकेट फैला हुआ है। पुलिस की फाइलों में ये सिर्फ पशु चोरी है लेकिन जमीन पर ये एक संगठित अपराध है। जहाँ बिचौलिए और बदमाश मिलकर किसानों की कमर तोड़ रहे हैं। जब रक्षक ही मूकदर्शक बन जाए, तो जनता को खुद ही बागी बनना पड़ता है। अब देखना ये है कि लाठियां लेकर निकले ये ग्रामीण अपनी भैंसें वापस ला पाते हैं या पुलिस की नींद टूटती है।

इन्हें भी पढ़े:-

यह मामला किस जिले से जुड़ा है?

यह मामला मुरैना जिले के सुमावली थाना क्षेत्र से जुड़ा है।

बदमाश भैंसों को कैसे छोड़ते हैं?

भैंस चोरी करने के बाद वे मालिकों से फिरौती वसूल कर उन्हें छोड़ते हैं।

क्या पुलिस में शिकायत करने पर कोई खतरा है?

हाँ, कुछ पशुपालकों को शिकायत करने पर धमकियां मिली हैं।