इंदौर (मध्यप्रदेश), 16 अप्रैल (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने इंदौर नगर निगम के एक हालिया सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुए विवाद से उभरे घटनाक्रम और अन्य मसलों की जांच के लिए समिति गठित की है। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पदाधिकारी ने बताया कि एआईसीसी में मध्यप्रदेश मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने दो सदस्यीय समिति गठित करते हुए इसे एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है ताकि संगठनात्मक स्तर पर उचित कदम उठाए जा सकें।
यह समिति ऐसे वक्त गठित की गई है, जब नगर निगम सम्मेलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने वाली दो कांग्रेस पार्षदों-फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान के खिलाफ पुलिस ने सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस बीच, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस विवाद को लेकर प्रमुख विपक्षी दल के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाए हुए है।
चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘इंदौर के हालिया घटनाक्रम को लेकर गठित समिति जिन बिंदुओं पर जांच करेगी उनमें वंदे मातरम् विवाद के साथ ही कांग्रेस पार्षदों के मुद्दे और स्थानीय पार्टी नेताओं की मीडिया व सोशल मीडिया पर की गई बयानबाजी शामिल है।’’
उन्होंने कहा कि समिति सभी संबद्ध पक्षों को सुनकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान आठ अप्रैल को कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने इस्लामी मान्यताओं का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया था। निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल होने वाली एक अन्य पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी फौजिया के इस रुख का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय गीत गाने से मना कर दिया था।
सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया है कि प्रमुख विपक्षी दल सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की महिला नेताओं ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करके भारत माता का अपमान किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय गीत व संविधान कांग्रेस की आत्मा हैं और पार्टी को देशभक्ति के लिए भाजपा के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इंदौर नगर निगम के सम्मेलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ विवाद को साजिश के तहत सांप्रदायिक तूल दिया ताकि शहर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत, स्थानीय प्रशासन के भ्रष्टाचार और अन्य बुनियादी मुद्दों पर पर्दा डाला जा सके।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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