Why is Imarti Devi confused? Don't know what to do...

आखिर कंफ्यूज क्यों है इमरती देवी? पता ही नहीं करना क्या है… प्रह्लाद पटेल ने कसा तंज

आखिर कंफ्यूज क्यों है इमरती देवी? पता ही नहीं करना क्या है... प्रह्लाद पटेल ने कसा तंज! Why is Imarti Devi confused? Don't know what to do...

: , January 1, 2022 / 12:03 AM IST

ग्वालियर: Why is Imarti Devi confused? मध्यप्रदेश में बीजेपी के कद्दावर नेताओं में शुमार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों को मंडलों में नियुक्तियां तो दिलवा दी है। लेकिन आज तक उनके समर्थक यह नहीं समझ पाए हैं कि उन्हें उस विभाग में करना क्या है। उनमें से एक इमरती देवी है, जिन्हें लघु उद्योग विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी उनकी अशिक्षित होने पर मोहर लगाते हुए तंज कस रहे है, तो वहीं कांग्रेस इमरती पर निशाना साध रही है।

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Why is Imarti Devi confused? मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री और वर्तमान में लघु उद्योग निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष इमरती देवी सुमन का। जो इतनी मासूम और भोली हैं कि उन्हें अपने ही विभाग के विषय में ही जानकारी नहीं है। इमरती देवी लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करके सीधे भोपाल से ग्वालियर पहुंचीं थी। उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कह दिया कि उन्हें अभी अपनी प्राथमिकताएं पता नहीं हैं। उन्होंने भोपाल में जाकर कार्यभार तो संभाल लिया है। लेकिन अब तक उन्हें विभाग की जानकारी नहीं है कि उनके विभाग में क्या होता है क्या नहीं होता है।

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अब इसके बाद आपकों केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल का भी बयान सुनवाएंगे जो उन्होने इमरती देवी को संबोधित करते हुए कहा है, वो भी इमरती की अशिक्षित होने पर मोहर लगा रहे हैं। लेकिन उनका बयान सुनने के बाद ये आप तय कर लीजिएगा कि वो इमरती की तारीफ कर रहे हैं या तंज कस रहे हैं। लेकिन कांग्रेस इमरती को घेरने में कोई कसर नही छोड़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह का कहना है, जब वे मंत्री थीं। तब भी उनकी कार्यशैली देखी है और सबसे बड़ी बात ये है कि प्रजातंत्र में जिसको जनता ने नकार दिया उनको सत्ता देना कहीं न कहीं लोकतंत्र पर कुठाराघात है। ऐसे लोगों को सत्ता में पद देना जिनका स्वयं का विवेक नहीं है जो शिक्षित नहीं हैं कोई विजन नहीं है जो विभाग उन्हें दिया जा रहा है, ये जनता के विश्वास का मजाक है।

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इमरती देवी जब कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में थी। तब भी चर्चाओं में थी। जब उऩ्होनें 15 अगस्त पर मुख्यमंत्री के संदेश को बीच में छोड़कर कलेक्टर उसे पढ़ने का आदेश दे दिया था। लेकिन सिंधिया की कट्टर समर्थक होने का फायदा मिलना ही था। अब देखते जाइये इमरती अपने लघु उघोग विभाग को कैसे चलाती हैं?

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