आदित्य ठाकरे ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की

आदित्य ठाकरे ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की

आदित्य ठाकरे ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की
Modified Date: July 28, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: July 28, 2026 3:49 pm IST

मुंबई, 28 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में दर्ज प्राथमिकी तथा जारी नोटिस वापस लेने की मांग की।

ठाकरे ने संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा ‘एमएच-सीईटी’ में कथित अनियमितताओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है और सोशल मीडिया से सामग्री हटवा रही है। उन्होंने प्रभावित प्रदर्शनकारियों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की भी घोषणा की।

ठाकरे ने दावा किया कि 22 और 23 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गईं, नाबालिगों को हिरासत में लिया गया और प्रदर्शनकारियों को नोटिस भेजे गए।

उन्होंने कहा, ‘सरकार को राज्यभर के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी और जारी नोटिस वापस लेने चाहिए।’

ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों से मुफ्त कानूनी सहायता के लिए उनसे संपर्क करने की अपील की।

उन्होंने वकीलों से भी इन मामलों में निःशुल्क पैरवी के लिए आगे आने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘हम पुलिस की कथित बर्बरता के मामलों को भी हर स्तर पर उठाएंगे।’

ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार सोशल मीडिया से रील हटवा रही है और फेसबुक तथा इंस्टाग्राम अकाउंट निलंबित करवा रही है। उन्होंने भाजपा सरकार को ‘युवा विरोधी’ और ‘छात्र विरोधी’ बताया।

उन्होंने सोमवार को संसद परिसर में भाजपा सांसदों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को ‘बेशर्मी’ करार दिया।

ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस से ‘एमएच-सीईटी’ परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर भी जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि नांदेड़ के दो भाई-बहनों के समान अंक आए हैं, जबकि भंडारा के एक छात्र को 12वीं बोर्ड परीक्षा से भी अधिक अंक मिले हैं।

उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो रही है, इसलिए मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए।

ठाकरे ने कहा, ‘मुख्यमंत्री को ‘एमएच-सीईटी’ के कथित पेपर लीक या घोटाले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अगर कोई घोटाला नहीं हुआ है, तो वह बोलेंगे और अगर हुआ है, तो दूसरे मुद्दों की बात करेंगे।’

कई छात्रों, अभिभावकों और विपक्षी कांग्रेस ने भी महाराष्ट्र साझा प्रवेश परीक्षा (एमएच-सीईटी) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सामान्य शैक्षणिक प्रदर्शन वाले कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में लगभग पूर्ण परसेंटाइल हासिल कर लिया।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


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