दल-बदल के झटके के बाद उद्धव की नई रणनीति, मानसून सत्र में महायुति सरकार को घेरने की तैयारी
दल-बदल के झटके के बाद उद्धव की नई रणनीति, मानसून सत्र में महायुति सरकार को घेरने की तैयारी
मुंबई, 22 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के छह सांसदों के प्रतिद्वंद्वी शिवसेना में शामिल होने के बाद पार्टी में आए राजनीतिक संकट के बीच, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अपने विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक का मकसद महाराष्ट्र विधानसभा के जारी मॉनसून सत्र के दौरान महायुति सरकार को घेरने की रणनीति बनाना था।
मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी के ‘शिवालय’ ऑफिस में यह बैठक तब हुई, जब शिवसेना (उबाठा) के छह सांसद महज 500 मीटर दूर यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में शिंदे के नेतृत्व वाले विरोधी गुट में शामिल हो गए।
बैठक में शामिल एक विधायक ने बताया कि ठाकरे ने विधायकों से कहा कि वे कृषि ऋण माफी सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरें। विधायक के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे आंशिक राहत के बजाय पूरी राहत की मांग करें।
विधायक ने यह भी कहा कि ठाकरे ने विधायकों से कहा कि वे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, महिलाओं के खिलाफ अपराध और मादक पदार्थ की तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार को घेरें।
नयी दिल्ली में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की संसदीय दल की एक अहम बैठक में शामिल न होने के पांच दिन बाद, शिंदे और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में एक कार्यक्रम में बागी सांसद शिवसेना में शामिल हुए।
शिवसेना (उबाठा) संसदीय दल की बैठक में केवल तीन लोकसभा सदस्य शामिल हुए थे।
भाषा प्रशांत सुरेश
सुरेश

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