महाराष्ट्र : रेजिडेंट डॉक्टरों ने उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद हड़ताल वापस ली
महाराष्ट्र : रेजिडेंट डॉक्टरों ने उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद हड़ताल वापस ली
मुंबई, छह अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद के तहत होम्योपैथी चिकित्सकों के पंजीकरण का विरोध कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों ने बंबई उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली।
महाराष्ट्र राज्य रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एमएआरडी) से जुड़े सरकारी अस्पतालों और नगर निकाय द्वारा संचालित कुछ अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर पांच अगस्त से हड़ताल पर थे।
रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘सेंट्रल एमएआरडी 2026-27, राज्य भर में चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को वापस लेने की घोषणा करता है। यह आंदोलन बीएचएमएस-सीसीएमपी ढांचे को बिना किसी उचित कानूनी और विनियामकीय प्रणाली के लागू करने के प्रस्ताव के विरोध में शुरू किया गया था।’’
इसमें कहा गया है कि यह आंदोलन केवल बंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए वापस लिया गया है।
बयान में कहा गया, ‘‘हमारी मांगें अब भी पूरी नहीं हुई हैं, इस उद्देश्य के लिए हमारा संकल्प अडिग है, और सेंट्रल एमएआरडी संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से यह लड़ाई जारी रखेगा। मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के बाद, एसोसिएशन उचित रुख अपनाएग और आगे की कार्रवाई की घोषणा करेगा।’’
इससे पहले दिन में, उच्च न्यायालय ने मरीजों पर पड़ रहे असर पर चिंता जताते हुए रेजिडेंट डॉक्टरों को तत्काल हड़ताल वापस लेने का आदेश दिया था। इसके बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार हड़ताल के बारे में उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करेगी।
एमएआरडी के सदस्य बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। यह हड़ताल सरकार के उस फ़ैसले के विरोध में थी जिसके तहत होम्योपैथी डॉक्टरों को महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद के तहत पंजीकृत करने और एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति दी गई है।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश

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