न्यूयॉक में भागवत की बातें ‘किसी का तुष्टीकरण नहीं करने और सबके लिए न्याय’ को दर्शाती हैं:शायना एनसी

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न्यूयॉक में भागवत की बातें ‘किसी का तुष्टीकरण नहीं करने और सबके लिए न्याय’ को दर्शाती हैं:शायना एनसी

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 04:12 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 04:12 PM IST

मुंबई, 30 अगस्त (भाषा) शिवसेना नेता शायना एनसी ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि जो हिंदू मुसलमानों को बाहर रखने की वकालत करता है, वह हिंदू नहीं रह जाता।

भागवत ने इसे ‘किसी का तुष्टीकरण नहीं करने और सबके लिए न्याय’ का स्पष्ट संकेत बताया।

संघ प्रमुख ने न्यूयॉर्क में ‘वन वर्ल्ड: वन ह्यूमैनिटी फेथ लीडर्स समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह जाता।

उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस के तौर पर हम मानते हैं – क्योंकि हमें यह जानकारी है कि दुनिया की मानवता एक है, ऐसे में पूरी दुनिया में जाकर सबको यह बताना हमारा कर्तव्य है कि विविधताओं के बावजूद हम एक हैं।’’

‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में शिवसेना नेता ने कहा कि हिंदू धर्म की मूल विचारधारा सबको साथ लेकर चलने पर आधारित है और भारत की पारंपरिक सोच ने हमेशा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उन्हें साथ लेकर चलने की गारंटी दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क में मोहन जी भागवत ने जो कहा, वह इस बात का साफ संकेत है कि न्याय सबके लिए होगा और किसी का तुष्टीकरण नहीं होगा। हां, भारत में बेशक हिंदुओं की प्रधानता है, लेकिन पारंपरिक रूप से भारत हमेशा से ही अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित जगह रहा है। क्योंकि हमारा मानना ​​है कि हम एक बड़ा परिवार हैं।’’

भाषा संतोष रंजन

रंजन