देश में आने वाले कई वर्षों तक भाजपा तथा राजग का शासन रहेगा: अमित शाह

देश में आने वाले कई वर्षों तक भाजपा तथा राजग का शासन रहेगा: अमित शाह

देश में आने वाले कई वर्षों तक भाजपा तथा राजग का शासन रहेगा: अमित शाह
Modified Date: June 20, 2026 / 08:44 pm IST
Published Date: June 20, 2026 8:44 pm IST

(फोटो के साथ)

कोल्हापुर, 20 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 साल का कार्यकाल सिर्फ एक शुरुआत है और दावा किया कि देश में आने वाले कई वर्षों तक भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का शासन रहेगा।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को स्वतंत्र भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा और उनके कार्यकाल को विश्वभर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए याद किया जाएगा।

शाह ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में देवी अंबाबाई मंदिर गलियारा परियोजना की शुरुआत करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जब स्वतंत्र भारत का इतिहास लिखा जाएगा तो प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल का अध्याय एक पुनरुत्थानशील भारत के निर्माण और दुनियाभर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए दर्ज किया जाएगा।’’

कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी में एक अन्य जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल केवल एक शुरुआत है। आने वाले कई वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राजग का शासन रहेगा।’’

उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में ऐसे कई काम पूरे हुए, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। शाह ने इस संदर्भ में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण, काशी विश्वनाथ गलियारे के पुनर्विकास, केदारनाथ और बदरीनाथ धामों में किए गए कार्यों तथा सोमनाथ एवं कामाख्या मंदिरों से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख किया।

शाह ने कहा कि ‘‘विकास भी, विरासत भी’’ के मंत्र के तहत देशभर में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है। उन्होंने अंबाबाई मंदिर गलियारे को भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक और कदम बताया।

उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 28,058 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसके तहत सातवीं शताब्दी के ऐतिहासिक मंदिर को कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित सुरक्षा व्यवस्था, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, विरासत दीर्घाओं, प्रकाश एवं ध्वनि कार्यक्रम, बहुउद्देश्यीय सभागार और अन्य सुविधाओं से लैस आधुनिक तीर्थस्थल में बदला जाएगा।

शाह ने कहा कि महालक्ष्मी मंदिर और उसके आसपास स्थित 41 मंदिरों का पुरातत्व विभाग के परामर्श से संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने परियोजना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन स्थानों में हमारा इतिहास, धर्म और संस्कृति बसती है, उनपर 1,500 करोड़ रुपये खर्च करना कोई बड़ी राशि नहीं है। ऐसे स्थान पूरे देश को प्रेरणा देते हैं।’’

शाह ने कहा कि मोदी ने हाल में देश के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनकर रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बुनियादी ढांचे और विनिर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर, क्वांटम इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तक विभिन्न क्षेत्रों में भारत को मजबूत बनाने का श्रेय मोदी को दिया।

शाह ने चंद्रयान-3 अभियान की सफलता को याद करते हुए कहा कि कभी भारतीयों को लगता था कि चंद्रमा बहुत दूर है, लेकिन मोदी ने चंद्रयान को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचाया और वहां ‘शिव शक्ति बिंदु’ स्थापित किया, जिससे हर भारतीय गौरवान्वित हुआ।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले जब संप्रग सरकार सत्ता में थी, तब अक्सर बम विस्फोट होते थे, लेकिन ‘‘तत्कालीन प्रधानमंत्री चुप्पी साधे रहते थे।’’

उन्होंने कहा कि हालांकि मोदी के कार्यकाल में भारत ने उरी, पुलवामा और पहलगाम में हुए हमलों का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के जरिये दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब देश में गोलियां तक नहीं बनती थीं, लेकिन अब मिसाइलों का निर्माण भी देश में ही किया जा रहा है।

शाह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में आतंकवाद पर नियंत्रण पा लिया है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में शांति का माहौल है और नक्सलवाद अब इतिहास बन चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने किसानों की कभी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस ने 60,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए थे।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 22 किस्तों के माध्यम से किसानों के खातों में कुल 4,28,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि चीनी मिलों द्वारा अर्जित लाभ पर लगाए गए करों से राहत की किसानों की मांग के बाद मोदी सरकार ने 46,000 करोड़ रुपये के कर भी माफ कर दिए।

शाह ने उन सहकारी चीनी मिलों के लिए भी एक पहल की घोषणा की, जो एथेनॉल इकाइयां स्थापित नहीं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि कोल्हापुर में 1,500 करोड़ रुपये की एक परियोजना स्थापित की जाएगी, जो इन मिलों को अपने उत्पादों के प्रसंस्करण में मदद करेगी, और इससे होने वाला लाभ वापस उन्हीं मिलों को दिया जाएगा।

शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘कोल्हापुर की इस पवित्र भूमि से मैं पूरे विश्वास के साथ देशवासियों से कहना चाहता हूं कि बंगाल के लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके विश्वास के ऋणी हैं और एक-एक घुसपैठिये की पहचान करके उसे देश से बाहर निकालकर इस ऋण को चुकाएंगे।’’

शाह ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उद्धव कांग्रेस की गोद में बैठे हैं और घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने साथ ही उन्हें चेतावनी दी कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है।

शिवसेना (उबाठा) में संभावित टूट की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि पहले लोगों को शिंदे-नीत गुट का अलग से जिक्र करना पड़ता था, लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है और केवल एक ही शिवसेना है, जिसके प्रमुख एकनाथ शिंदे हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि शिवसेना (उबाठा) संकट का सामना कर रही है तथा कम से कम छह लोकसभा सदस्यों ने ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी है और उनके सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की संभावना है।

शाह ने कहा, ‘‘कांग्रेस नेता और कांग्रेस की गोद में बैठे उद्धव जी घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलकर अपना अस्तित्व बनाए रखना चाहते हैं। मैं उन्हें स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। यहां केवल वही लोग रहेंगे जो इस देश के हैं।’’

उन्होंने कहा कि हर घुसपैठिये की पहचान की जाएगी और उसे देश से बाहर निकाला जाएगा।

शाह ने कोल्हापुर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में ‘‘परिवार देवता मंदिर’’ के संरक्षण कार्य के साथ-साथ नये प्रदक्षिणा मार्ग का शिलान्यास भी किया।

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक ही कार में सवार होकर मंदिर पहुंचे।

देवी महालक्ष्मी के दर्शन करने के बाद शाह ने मंदिर परिसर में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया। उन्होंने मंदिर परिसर में ‘पश्चिम महाराष्ट्र मंदिर विकास योजना’ के तहत जारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी की।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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