छत्तीसगढ़ : रायगढ़ में महिला पुलिसकर्मी पर हमले के आरोपी को अधोवस्त्र में परेड कराई
छत्तीसगढ़ : रायगढ़ में महिला पुलिसकर्मी पर हमले के आरोपी को अधोवस्त्र में परेड कराई
रायगढ़, छह जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक कोयला खनन परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक होने पर एक महिला पुलिस आरक्षक पर हमला करने के आरोपी को पुलिस ने हथकड़ी लगाकर परेड कराया, जिसमें वह अधोवस्त्र में दिख रहा था।
इस घटना की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान चित्रसेन साव के रूप में हुई है, जो इस मामले में गिरफ्तार होने वाला छठा व्यक्ति है। उसे सोमवार को गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले, 27 दिसंबर को हुई हिंसा के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी पर हमला करने और उसकी वर्दी फाड़ने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
जब साव को सोमवार को रायगढ़ जिला अदालत में पेश करने के लिए पुलिस वाहन में ले जाया जा रहा था, तब कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसे हेमू कलानी चौक के पास गाड़ी से बाहर निकाला और हथकड़ी लगाए हुए पैदल ही चक्रधर नगर पुलिस थाना तक मार्च कराया।
इस घटना का वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, उसमें कुछ महिला पुलिसकर्मी कथित तौर पर आरोपी के चेहरे पर कालिख पोतते, लिपस्टिक लगाते, जूतों और चूड़ियों की माला पहनाते और नारे लगाते हुए मुख्य सड़कों पर परेड कराते समय उसे कान पकड़ने के लिए मजबूर करते हुए दिख रही हैं।
वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद कुछ कर्मी केक काटकर और पटाखे फोड़कर जश्न मना रहे हैं।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद महानिदेशक स्तर से सेवानिवृत्त हुए भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी आर के विज ने इसकी आलोचना की है तथा इस कृत्य को ‘पूरी तरह से गलत’ बताया है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में विज ने कहा है, ”आरोपी को- जूते चप्पलों की माला पहनाना, और हथकड़ी लगाकर उसका जुलूस निकालना, दोनों पूर्णतः गलत है।”
वहीं रायपुर के सामाजिक और सूचना अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने कहा है कि उन्होंने इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शिकायत सौंपी है और याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
शुक्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा है, ”पीड़ित को पहले बेरहमी से पीटा गया, फिर अर्धनग्न अवस्था में हथकड़ी पहनाकर जूते-चप्पलों की माला डलवाकर सार्वजनिक सड़कों पर घुमाया गया। यह कृत्य न केवल मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है, बल्कि कानून के राज पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।”
रायगढ़ के तमनार ब्लॉक में 27 दिसंबर को जिंदल पावर लिमिटेड को आवंटित की गई कोयला खदान के खिलाफ 14 गांवों के निवासियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद आगजनी और पत्थरबाजी हुई।
एक भीड़ ने एक महिला आरक्षक को खेत में घेर लिया और उसके साथ मारपीट की।
पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था जिसमें आरक्षक जमीन पर लेटी हुई थी और दया की भीख मांग रही थी, जबकि दो आदमी उसके कपड़े फाड़ रहे थे और विरोध स्थल पर उसकी मौजूदगी पर सवाल उठा रहे थे।
हिंसा के एक दिन बाद, रायगढ़ प्रशासन ने कहा कि उसने परियोजना के लिए हुई जनसुनवाई को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भाषा
सं, संजीव रवि कांत

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