सड़क दुर्घटना में मारे गए दो इंजीनियरों के परिजनों को 1.32 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश
सड़क दुर्घटना में मारे गए दो इंजीनियरों के परिजनों को 1.32 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश
ठाणे, चार जुलाई (भाषा) ठाणे के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2018 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के परिजनों को कुल 1.32 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किए जाने का शनिवार को आदेश दिया।
नवी मुंबई में ‘हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज’ में कार्यरत चल्लापल्ली लेखी चैतन्य (27) और मन्नेम वेंकट साई कुमार (24) की 24 दिसंबर 2018 को उस समय मृत्यु हो गई थी, जब रायगढ़ जिले के तेम्बारी गांव के पास एक पुल पर उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से उस समय टकरा गई जब ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए थे।
बीमा कंपनी ने दावा किया कि सुरक्षित दूरी बनाए रखने में विफल रहने के कारण दुर्घटना के लिए पूरी तरह कार चालक जिम्मेदार था।
हालांकि, एमएसीटी ने माना कि ट्रक चालक ने बिना किसी चेतावनी के अचानक वाहन रोक दिया था, लेकिन कार चालक भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने में विफल रहा।
चैतन्य के मामले में न्यायाधिकरण ने कुल 89,91,866 रुपये का मुआवजा तय किया, लेकिन लापरवाही में 15 प्रतिशत तक खुद की भी जिम्मेदारी रहने के आधार पर कटौती करने के बाद उनकी मां ऐन रजनी को 76,43,086 रुपये प्रदान किए जाने का आदेश दिया।
वहीं, साई कुमार के मामले में न्यायाधिकरण ने संयुक्त लापरवाही का सिद्धांत लागू किया, क्योंकि वह कार में बैठे थे। अदालत ने ट्रक की बीमा कंपनी को उनके माता-पिता मन्नेम पद्मावती और मन्नेम सत्यनारायण को 56,39,700 रुपये की पूरी निर्धारित राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।
एमएसीटी के सदस्य आर. वी. मोहिते ने अपने आदेश में यह भी कहा कि दुर्घटना के समय संबंधित कंटेनर ट्रक बिना वैध परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र के चलाया जा रहा था।
भाषा गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल

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