डिजिटल मंचों पर उपलब्ध सामग्री ‘सेंसर बोर्ड’ द्वारा प्रमाणित नहीं है: सीबीएफसी

डिजिटल मंचों पर उपलब्ध सामग्री 'सेंसर बोर्ड' द्वारा प्रमाणित नहीं है: सीबीएफसी

डिजिटल मंचों पर उपलब्ध सामग्री ‘सेंसर बोर्ड’ द्वारा प्रमाणित नहीं है:  सीबीएफसी
Modified Date: March 18, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: March 18, 2026 8:15 pm IST

मुंबई, 18 मार्च (भाषा) केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने बुधवार को स्पष्ट किया कि डिजिटल मंचों पर मौजूद सामग्री ‘सेंसर बोर्ड’ द्वारा प्रमाणित नहीं होती हैं। बोर्ड ने यह भी कहा कि आगामी कन्नड़ फिल्म “केडी: द डेविल” के गीत “सरके चुनर तेरी सरके” के प्रमाणीकरण के लिए उसे कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

‘सेंसर बोर्ड’ यानी सीबीएफसी वह संस्था है जो फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले प्रमाणित और नियंत्रित करती है।

फिल्म का यह गीत इस सप्ताह की शुरुआत में डिजिटल मंच ‘यूट्यूब’ पर जारी किया गया। यह गीत नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया है।

हालांकि, गीत के बोल को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद इसे मंच से हटा लिया गया है।

सीबीएफसी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को एक बयान में कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि ‘केडी: द डेविल’ फिल्म के गीत ‘सरके चुनर तेरी सरके’ के प्रमाणीकरण के लिए उसे कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि डिजिटल मंचों पर उपलब्ध सामग्री का सीबीएफसी द्वारा प्रमाणीकरण नहीं किया जाता है।”

गीतकार-लेखक प्रसून जोशी की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने कहा कि वह एक “जिम्मेदार और उत्तरदायी” संस्था है जिसके सदस्य सिनेमा में महिलाओं के चित्रण को लेकर संवेदनशील हैं।

बयान में कहा गया, “इस गीत के मामले में सभी प्रश्न संबंधित मंच और इसके निर्माताओं से किए जाने चाहिए।” फिल्म के निर्देशक प्रेम ने मूल कन्नड़ गीत लिखा है जबकि हिंदी संस्करण के गीतकार रकीब आलम ने विवाद के बाद इससे दूरी बना ली है।

इससे पहले नोरा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह गीत कन्नड़ में फिल्माया था जिसे (भाषा) वह नहीं समझती हैं लेकिन हिंदी के बोल जानकर उन्हें भी हैरानी हुई।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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