अदालत ने अधिकारियों से पासपोर्ट में नाम बदलने संबंधी अभिनेता-निर्माता की याचिका पर विचार करने को कहा

अदालत ने अधिकारियों से पासपोर्ट में नाम बदलने संबंधी अभिनेता-निर्माता की याचिका पर विचार करने को कहा

अदालत ने अधिकारियों से पासपोर्ट में नाम बदलने संबंधी अभिनेता-निर्माता की याचिका पर विचार करने को कहा
Modified Date: February 12, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: February 12, 2026 8:01 pm IST

मुंबई, 12 फरवरी (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पासपोर्ट अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे धोखाधड़ी और साजिश के मामले में आरोपी अभिनेता-निर्माता सचिन जोशी द्वारा दायर उस आवेदन पर विचार करें, जिसमें उन्होंने अपने पासपोर्ट में अपना नाम बदलकर योगेश जगदीश जोशी करने का अनुरोध किया है।

न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह 18 फरवरी को जोशी के आवास पर नये सिरे से सत्यापन करे और 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, जिसके बाद पासपोर्ट अधिकारी कानून के अनुसार पासपोर्ट में नाम परिवर्तन के आवेदन पर विचार करेंगे।

पीठ ने बार-बार नाम बदलने के पीछे का कारण पूछा। इसने कहा कि जोशी अब तक तीन बार अपना नाम बदल चुके हैं और पूछा कि क्या वे अंकशास्त्र या ज्योतिष में विश्वास करते हैं।

न्यायमूर्ति घुगे ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की, ‘‘हमें उम्मीद है कि नये नाम को लेकर अब और कोई मामला नहीं होगा।’’

पुलिस ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की कि जिसमें कहा गया कि जोशी के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है और वह सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके बाद जोशी ने अपने वकील सुजय कांटावाला के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

कांटावाला ने अदालत में बताया कि याचिकाकर्ता ने महाराष्ट्र राजपत्र में आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदल लिया है।

अदालत ने पुनः सत्यापन का निर्देश देते हुए कहा कि निचली अदालत ने अभी तक जोशी के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोपों में दर्ज मामले का संज्ञान नहीं लिया है, इसलिए पासपोर्ट में नाम के सुधार या परिवर्तन में कोई बाधा नहीं हो सकती।

अदालत ने कहा, ‘‘संज्ञान लिये बिना लंबित मामले को पासपोर्ट के नवीनीकरण या जारी करने से इनकार करने का आधार नहीं बनाया जा सकता।’’

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता का मूल नाम सचिन जगदीशप्रसाद जोशी था, जिसे उन्होंने बाद में बदलकर सचीन जगदीशप्रसाद जोशी कर लिया और अब उनका नाम योगेश जे जोशी है।

अदालत ने कहा कि वह याचिकाकर्ता के पिता के नाम को जगदीश से छोटा करके ‘जे’ करने की अनुमति नहीं देगी क्योंकि उनके पिता का नाम वही रहेगा।

अदालत ने कहा, ‘‘कम से कम अपने पिता के प्रति तो आभारी रहो। वह ही आपको इस दुनिया में लेकर आये। आप अपना नाम योगेश जगदीश जोशी रख सकते हो।’’

याचिकाकर्ता को आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के कई मामलों के साथ-साथ धनशोधन के आरोपों का भी सामना करना पड़ा है।

अदालत ने कहा, ‘‘अब नाम में कोई और परिवर्तन नहीं होगा अब से वह अपना नाम योगेश जगदीश जोशी ही रखेंगे।’’

कांटावाला ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ केवल एक मामला लंबित है और धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत मामलों समेत अन्य सभी मामलों का निपटारा हो चुका है।

जोशी पर शहर स्थित फर्म ‘ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स’ से जुड़े धनशोधन मामले में आरोप लगाया गया था। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 2021 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और 2022 में एक विशेष अदालत द्वारा जमानत दी गई थी।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में