साइबर जालसाजों ने बुजुर्ग से 2.25 करोड़ रुपये ठगे, गुजरात से एक गिरफ्तार
साइबर जालसाजों ने बुजुर्ग से 2.25 करोड़ रुपये ठगे, गुजरात से एक गिरफ्तार
मुंबई, छह मार्च (भाषा) मुंबई पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में शामिल होने के आरोप में गुजरात से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि एक बुजुर्ग को आतंकवाद से जुड़ी फर्जी जांच में गिरफ्तारी की धमकी देकर 2.25 करोड़ रुपये ठगे गए थे।
उन्होंने बताया कि आरोपी किशन भावेशभाई मकवाना ने कथित तौर पर साइबर जालसाजों के लिए बैंक खाते खोले थे ताकि वे पीड़ितों से चोरी किए गए धन को वहां रख सकें।
उन्होंने बताया कि गोरेगांव के 77 वर्षीय एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले साल नवंबर में साइबर जालसाजों ने उनसे संपर्क किया और उन पर झूठा आरोप लगाया कि उन्होंने आतंकवादियों के लिए जम्मू कश्मीर में बैंक खाता खोला है और इसके जरिए 70 लाख रुपये कमीशन के रूप में प्राप्त किया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस मुख्यालय का वरिष्ठ अधिकारी आकाश शर्मा बताया और शिकायतकर्ता से पूछताछ के लिए बुलाया। बुजुर्ग के असमर्थता जताने पर फोन एक अन्य व्यक्ति को दे दिया गया, जिसे लखनऊ के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) से बताया गया।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप पर एक संदेश में फर्जी गिरफ्तारी और कुर्की आदेश की प्रतियां भी भेजी गई थीं।
उन्होंने बताया कि पीड़ित से कथित तौर पर उसके बैंक खातों का विवरण साझा करने और मामले से बचने के लिए उसे अपने खाते से धनराशि अंतरण करने को कहा गया।
बुजुर्ग ने गिरफ्तारी के डर से 18 नवंबर से तीन दिसंबर, 2025 के बीच जालसाजों द्वारा दिए गए बैंक खाते में कई किश्तों में 2.25 करोड़ रुपये से अधिक धनराधि भेजी।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने पीड़ित से कहा कि उसकी जमानत मंजूर हो गई है तथा उसे आश्वासन दिया कि रकम जल्द वापस कर दी जाएगी।
इसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया मकवाना को इस सप्ताह की शुरुआत में पकड़ा गया।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।
भाषा प्रचेता रंजन
रंजन

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