MP Poshan Aahar Plant News : रोजगार छिनने की कगार पर लाखों महिलाएं! MP में बंद पड़े पोषण प्लांट ने बढ़ाई मुश्किलें, इस वजह से रुका है पूरा काम

मध्य प्रदेश में पोषण आहार संयंत्र बंद होने से लाखों महिलाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। भुगतान न होने और कच्चे माल की कमी के कारण उत्पादन ठप पड़ा है।

MP Poshan Aahar Plant News : रोजगार छिनने की कगार पर लाखों महिलाएं! MP में बंद पड़े पोषण प्लांट ने बढ़ाई मुश्किलें, इस वजह से रुका है पूरा काम

MP Poshan Aahar Plant News / Image Source : IBC24

Modified Date: April 27, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: April 27, 2026 4:41 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पोषण आहार संयंत्र बंद, लाखों महिलाओं का रोजगार प्रभावित
  • भुगतान संकट के चलते सप्लायर्स ने कच्चा माल देना रोका
  • मामला कैबिनेट और वित्त विभाग के बीच अटका

भोपाल : MP Poshan Aahar Plant News  मध्य प्रदेश में महिलाओं की आजीविका से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा सामने आया है। पोषण आहार संयंत्र पिछले कई महीनों से बंद पड़े हैं, जिसकी वजह से लाखों महिलाओं के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। इन संयंत्रों के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार सप्लाई किया जाता था, लेकिन अब उत्पादन ठप है। भुगतान नहीं होने के कारण सप्लायर्स ने कच्चा माल देना बंद कर दिया और इसी वजह से कई यूनिट्स में काम पूरी तरह रुक गया है। विपक्ष और अब सत्ता पक्ष के विधायक भी इस मुद्दे पर सक्रिय दिख रहे हैं।

‘महिलाओं की राशि जल्द जारी होनी चाहिए’

महिलाएं अपनी समस्या लेकर नेता-मंत्री के पास जा रही हैं, ताकि उनको उनका रोजगार वापस मिल सके। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात कर समस्या बताई और न्याय की मांग की है। Women Employment MP News वहीं सत्ता पक्ष से जब सवाल किया गया तो विधायक शैलेंद्र जैन ने महिलाओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की राशि जल्द जारी होनी चाहिए। सरकार पहले भी उनके समर्थन में फैसले ले चुकी है, आगे भी सकारात्मक निर्णय होगा।

कैबिनेट और वित्त विभाग के बीच अटका हुआ है मामला

पोषण आहार संयंत्रों को घाटे और भुगतान संकट के चलते बंद करना पड़ा। Anganwadi Nutrition Supply  बताया जा रहा है कि उत्पादन लागत ज्यादा और भुगतान कम मिलने से यह मॉडल घाटे में चला गया। वहीं सरकार स्तर पर मंजूरी और बजट जारी होने में देरी भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आई है। अब मामला कैबिनेट और वित्त विभाग के बीच अटका हुआ है। तो सवाल सिर्फ एक प्लांट बंद होने का नहीं है, सवाल है उन लाखों महिलाओं का, जिनकी रोज़ी-रोटी इससे जुड़ी है।

कब निकलेगा हाल?

एक तरफ महिलाएं सड़कों पर हैं, विपक्ष सरकार को घेर रहा है, तो वहीं सत्ता पक्ष भी समाधान की बात कर रहा है। अब देखना ये होगा कि सरकार इस आर्थिक और सामाजिक चुनौती का हल कब निकालती है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.