डॉ. आर्मिडा फर्नांडीज पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित, मुंबई के सायन अस्पताल में ‘मानव दुग्ध बैंक’ शुरू किया
डॉ. आर्मिडा फर्नांडीज पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित, मुंबई के सायन अस्पताल में ‘मानव दुग्ध बैंक’ शुरू किया
मुंबई, 25 जनवरी (भाषा) पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित डॉ. आर्मिडा फर्नांडीज ने रविवार को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार विशेष रूप से उपशामक देखभाल और गरीबों के लिए सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जिनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं।
‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में फर्नांडीज ने कहा, ‘‘इन वर्षों में मैंने जो काम किया है, वह अकेले संभव नहीं था। यह पुरस्कार स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मेरे साथ काम करने वाले स्वयंसेवकों और संगठनों की पूरी टीम के लिए है।’’
फर्नांडीज ने बताया कि उन्होंने नवजात शिशु विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और डीन के रूप में 30 वर्षों तक सेवा करने के बाद नगर निगम द्वारा संचालित सायन अस्पताल से सेवानिवृत्ति ली। उनका काम शिशु मृत्यु दर और प्रसव के दौरान माताओं की मृत्यु को कम करने पर केंद्रित था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सायन अस्पताल में पहला मानव दुग्ध बैंक भी शुरू किया और स्तनपान को बढ़ावा दिया। सेवानिवृत्ति के बाद मैं मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ काम कर रही हूं। पिछले आठ वर्षों से मैं उन रोगियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपशामक देखभाल के क्षेत्र में काम कर रही हूं, जिन्हें ऐसी बीमारियां हैं जिनका पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है।’’
उपशामक देखभाल का मतलब गंभीर या जानलेवा बीमारियों (जैसे कैंसर) से जूझ रहे मरीजों के शारीरिक दर्द, तनाव और मानसिक तकलीफ को कम कर उनके जीवन की गुणवत्ता को सुधारना है।
भाषा संतोष प्रशांत
प्रशांत


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