Ladki Bahin Yojana e-KYC: इन महिलाओं के खाते में नहीं आएगा लाडकी बह‍िन योजना का पैसा, जानें क्या है कारण

Ladki Bahin Yojana e-KYC: इन महिलाओं के खाते में नहीं आएगा लाडकी बह‍िन योजना का पैसा, जानें क्या है कारण

Ladki Bahin Yojana e-KYC: इन महिलाओं के खाते में नहीं आएगा लाडकी बह‍िन योजना का पैसा, जानें क्या है कारण

Ladki Bahin Yojana e-KYC

Modified Date: November 20, 2025 / 09:45 pm IST
Published Date: November 20, 2025 9:34 pm IST

मुंबई: Ladki Bahin Yojana e-KYC महिलाओं को आर्थिक रूप से शसक्त बनाने के लिए कई राज्यों की सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं चल रही है। इनमें से एक लाडकी बह‍िन योजना भी है, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने शुरू किया है। इस योजना के तहत महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देती है। लेकिन इस योजना का लाभ उठाने वाली करोड़ों महिलाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है।

Ladki Bahin Yojana e-KYC रुक सकता है पैसा

कई महिलाओं की e-KYC पूरी नहीं हो पाई, जिसकी वजह से उनके खाते में लाडकी बह‍िन योजना का पैसा रुक सकता है। सरकार ने सभी महिलाओं से कहा कि e-KYC कराना जरूरी है। नहीं तो आपके खाते में पैसा रुक जाएगा।

e-KYC की तारीख बढ़ी

दरअसल, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री और श्रीवर्धन सीट से विधायक अदिती तटकरे ने एक्स पर किए पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में माझी लाडकी बहिन योजना राज्यभर में सफलतापूर्वक चल रही है। पहले सभी लाभार्थियों को 18 नवंबर 2025 तक e-KYC पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 कर दी गई है।

सरकार ने e-KYC क्यों जरूरी किया है?

सरकार चाहती है कि योजना का पैसा सही और पात्र महिला तक पहुंचे। पिछले महीनों में कई शिकायतें मिली थीं। जैसे एक ही नाम से दो-दो आवेदन किए गए, बैंक खातों में गलत जानकारी भरी गई, कुछ जगहों पर फर्जी एंट्री पाई गई। इसीलिए आधार के माध्यम से पहचान पुख्ता करना जरूरी कर दिया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि बिना e-KYC किए अब किसी भी महिला के खाते में पैसे नहीं आएंगे।

लाडकी बहिन योजना में बड़ा बदलाव

नई व्यवस्था के अनुसार, जिन महिलाओं के पति या पिता अब जीवित नहीं हैं, या जिनका तलाक हो चुका है। उन्हें अपना e-KYC खुद करना होगा। साथ ही अपने पति या पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र, तलाक प्रमाणपत्र या माननीय न्यायालय का आदेश की सत्यापित प्रति अपने जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से योजना के लाभों में निरंतरता और स्थिरता बनी रहेगी।


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