एकनाथ शिंदे ने शक्ति परीक्षण के लिए बृहस्पतिवार को मुंबई लौटने की घोषणा की

एकनाथ शिंदे ने शक्ति परीक्षण के लिए बृहस्पतिवार को मुंबई लौटने की घोषणा की

एकनाथ शिंदे ने शक्ति परीक्षण के लिए बृहस्पतिवार को मुंबई लौटने की घोषणा की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:51 pm IST
Published Date: June 29, 2022 9:34 am IST

मुंबई/गुवाहाटी, 29 जून (भाषा) शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि वह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के खिलाफ विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए बृहस्पतिवार को मुंबई जाएंगे।

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव से बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे उद्धव ठाकरे नीत सरकार का शक्ति परीक्षण कराने को कहा है।

शिंदे ने गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा कि वह अपने गुट के सभी विधायकों के साथ मुंबई पहुंचेंगे। वह अपने समर्थन वाले विधायकों के एक बड़े समूह के साथ एक सप्ताह से गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में ठहरे हुए हैं।

गुवाहाटी में होटल से बाहर निकले शिंदे ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के लोगों की शांति एवं समृद्धि के लिए गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में प्रार्थना की।

शिंदे ने मंदिर के बाहर पत्रकारों से कहा कि वह ‘‘औपचारिकताएं पूरी करने के लिए’’ बृहस्पतिवार को मुंबई लौटेंगे। इसका मतलब है कि वह नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया में भाग लेंगे।

उन्होंने महाराष्ट्र के दो और विधायकों के साथ सुबह-सुबह ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर नीलांचल पर्वत पर स्थित मंदिर के दर्शन किए। उनके साथ असम के भाजपा विधायक सुशांत बोरगोहेन भी थे। बोरगोहेन बागी विधायकों के गुवाहाटी हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद से उनके साथ रहे हैं।

शिंदे ने कहा, ‘‘मैं महाराष्ट्र की खुशी और समृद्धि के लिए कामाख्या मंदिर गया। मैंने मां कामाख्या का आशीर्वाद लिया।’’

उनके अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर बागी विधायक ने कहा, ‘‘हम आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कल मुंबई लौटेंगे।’’

शिंदे ने मुंबई लौटने की घोषणा ऐसे वक्त में की है जब इससे पहले मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करने के लिए तैयार भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार रात को राज भवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने का अनुरोध किया करते हुए दावा किया था कि शिंदे के गुट की बगावत के बाद ठाकरे नीत सरकार बहुमत गंवा चुकी है।

भाषा

गोला प्रशांत

प्रशांत


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