पूर्व सीबीएफसी प्रमुख और फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन

पूर्व सीबीएफसी प्रमुख और फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन

पूर्व सीबीएफसी प्रमुख और फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन
Modified Date: June 4, 2026 / 08:32 pm IST
Published Date: June 4, 2026 8:32 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

मुंबई, चार जून (भाषा) दिग्गज फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे।

निहलानी ने बांद्रा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सांताक्रुज हिंदू श्मशान घाट में किया गया।

निहलानी की 1986 में आई फिल्म ‘इल्जाम’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता गोविंदा भी उन्हें श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

गोविंदा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘पहलाज निहलानी जी ने हम जैसे कई लोगों के करियर की आधारशिला रखी थी। मेरे जैसे कई ऐसे कलाकार, जो बेहद कठिन और आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से उबरकर आगे बढ़े, उन्हें पहलाज जी का सहयोग और प्रोत्साहन मिला।’

उन्होंने कहा, ‘देश में कम से कम एक दर्जन ऐसे कलाकार होंगे जिनके करियर को उनके मार्गदर्शन ने संवारा। पहलाज जी में प्रतिभा को पहचानने और लोगों को जमीन से उठाकर आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाने की एक दुर्लभ क्षमता थी। यह उन्हें ईश्वर की ओर से मिला एक उपहार था।’

निर्माता को अंतिम विदाई देने वालों में फिल्म निर्माता फरहान अख्तर, जोया अख्तर, अनीस बज्मी, डेविड धवन और उनके बेटे रोहित व वरुण धवन, बोनी कपूर, रमेश सिप्पी और अभिषेक कपूर शामिल थे।

दिग्गज अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा भी निहलानी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘वह हमारे सबसे करीबी और पारिवारिक मित्रों में से एक थे। उनके साथ हमारा जुड़ाव कई साल पुराना था। वह एक बेहतरीन फिल्म निर्माता, अद्भुत इंसान, सच्चे दोस्त और उत्कृष्ट व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने हमें कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। इन सबसे बढ़कर, जो बात सबसे अलग थी, वह थी उनकी इंसानियत।’

निहलानी ने अपने करियर की शुरुआत 1982 में आई फिल्म ‘हथकड़ी’ के निर्माता के रूप में की थी।

गोविंदा को 1986 की फिल्म ‘इल्जाम’ से पहला बड़ा मौका देने का श्रेय भी पहलाज निहलानी को ही जाता है। उन्होंने 1987 में फिल्म ‘आग ही आग’ से अभिनेता चंकी पांडे को भी फिल्म उद्योग में कदम रखवाया था।

बतौर निर्माता उनकी अन्य प्रमुख फिल्मों में ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’, ‘दिल तेरा दीवाना’, ‘तलाश’ और ‘रंगीला राजा’ शामिल हैं।’

जनवरी 2015 में निहलानी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अगस्त 2017 तक रहा उनका यह कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। फिल्मों में कांट-छांट, अस्वीकरण और प्रमाणन के फैसलों को लेकर फिल्म निर्माताओं के साथ उनके अक्सर मतभेद होते रहे।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नए कड़े दिशानिर्देश लागू किए, जिसके तहत ‘ए’ (वयस्क) श्रेणी की फिल्मों में भी कुछ अपशब्दों पर रोक लगा दी गई, चुंबन के दृश्यों को छोटा किया गया और ऐसी सामग्री पर प्रतिबंध लगाया गया जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने या हिंसा को बढ़ावा मिलने की आशंका हो।

डैनियल क्रेग अभिनीत 2015 की जेम्स बॉन्ड फिल्म ‘स्पेक्टर’ को भारत में तभी रिलीज होने दिया गया जब उसके चुंबन दृश्यों में भारी कांट-छांट की गई, जबकि एक अन्य हॉलीवुड फिल्म ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ के निर्माताओं को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने से पहले इसके अंतरंग दृश्यों को हटाना पड़ा था।

भारतीय फिल्म निर्माताओं में पान नलिन की महिला केंद्रित फिल्म ‘एंग्री इंडियन गॉडेसेस’ और अभिषेक चौबे की ‘उड़ता पंजाब’ (जिसमें आलिया भट्ट, शाहिद कपूर, दिलजीत दोसांझ और करीना कपूर खान मुख्य भूमिका में थे) को कई कांट-छांट के कारण बोर्ड के साथ कड़े विवाद का सामना करना पड़ा था।

सीबीएफसी के वर्तमान अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने लिखा, ‘पूर्व सीबीएफसी अध्यक्ष श्री पहलाज निहलानी के निधन पर पूरे सीबीएफसी परिवार की ओर से हार्दिक संवेदनाएं।’

निहलानी के परिवार में उनकी पत्नी नीता निहलानी और तीन बेटे हैं।

भाषा सुमित रंजन

रंजन


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