रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का मुंबई में अंतिम संस्कार
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का मुंबई में अंतिम संस्कार
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 29 मार्च (भाषा) उद्योगपति और रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का रविवार को मुंबई में अंतिम संस्कार किया गया।
वर्ष 1980 से 2000 तक कंपनी की कमान संभालने वाले सिंघानिया का शनिवार शाम निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे। वह 87 वर्ष के थे।
पद्म भूषण से सम्मानित सिंघानिया की अंतिम यात्रा दक्षिण मुंबई स्थित उनके आवास से शुरू हुई। उनके बेटे गौतम सिंघानिया और मधुपति ने अंतिम संस्कार का नेतृत्व किया।
वर्तमान में रेमंड की कमान गौतम सिंघानिया के हाथों में है।
उद्योगपति का अंतिम संस्कार चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर किया गया। इस दौरान गौतम सिंघानिया की पत्नी नवाज मोदी भी मौजूद रहीं।
नवाज मोदी ने ‘पीटीआई वीडियों’ से बताया कि उन्होंने विजयपत सिंघानिया के साथ लंबा समय बिताया और वह उनके लिए हमेशा एक मजबूत सहारा बने रहे।
मोदी ने बताया कि उनके ससुर अक्टूबर 2025 से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और समय-समय पर अस्पताल में भर्ती रहते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के महीनों में सिंघानिया को आईसीयू में रखा गया था।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सिंघानिया की कंपनी रेमंड द्वारा ठाणे में निर्मित वस्त्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली।
शिंदे ने कहा, ‘‘उन्होंने संपूर्ण व्यक्ति की तरह जीवन जिया, जो रेमंड की ‘टैगलाइन’ भी है।’’
सिंघानिया के व्यावसायिक और साहसिक कार्यों को दोनों क्षेत्रों में सराहा गया। उन्हें इसके लिए भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण और तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार भी मिला।
सिंघानिया ने नवंबर 2005 में 67 वर्ष की आयु में सिंघानिया ने ‘हॉट एयर बैलून’ के जरिये लगभग 69,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले, 1988 में उन्होंने माइक्रोलाइट विमान से लंदन से नयी दिल्ली तक अकेले 23 दिनों में उड़ान भरकर ‘स्पीड-ओवर-टाइम एंड्यूरेंस’ का रिकॉर्ड बनाया था।
भारतीय वायुसेना ने 1994 में उनके 5,000 से अधिक उड़ान घंटे पूरे करने के सम्मान में उन्हें मानद ‘एयर कमोडोर’ बनाया।
अंतिम संस्कार में वायुसेना के कुछ अधिकारी और कई प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें फैशन डिजाइनर से राजनीतिज्ञ बनीं शाइना एनसी और अभिनेता डिनो मोरिया शामिल थे।
मार्च 2007 में डॉ. सिंघानिया को भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद की शासकीय परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद उन्होंने 2012 तक संभाला।
सिंघानिया ने 2000 में रेमंड ग्रुप का नेतृत्व अपने बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दिया और खुद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। हालांकि, हाल के वर्षों में उनकी सार्वजनिक उपस्थिति कम हो गई थी।
कुछ साल पहले विजयपत और गौतम सिंघानिया के बीच कानूनी विवाद भी शुरू हुए थे, लेकिन बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने मतभेद सुलझा लिये थे।
भाषा योगेश सुरेश
सुरेश

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