सरकार मंडल स्तर पर फसल नुकसान का आकलन करेगी : फडणवीस

सरकार मंडल स्तर पर फसल नुकसान का आकलन करेगी : फडणवीस

सरकार मंडल स्तर पर फसल नुकसान का आकलन करेगी : फडणवीस
Modified Date: September 29, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: September 29, 2026 5:43 pm IST

मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को घोषणा की कि सूखे के तय मानदंडों में शामिल न किए गए इलाकों के किसानों को आर्थिक मदद सुनिश्चित करने के लिए फसल के नुकसान का आकलन मंडल स्तर तक किया जाएगा।

फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधानों को मंजूरी दी गई है कि वास्तविक फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को सरकारी सहायता मिले, भले ही उनके क्षेत्र निर्धारित सूखा मानकों को पूरा करने में विफल क्यों न हों।

महाराष्ट्र के 358 में से 265 तहसीलों, यानी राज्य के करीब 74 प्रतिशत हिस्से को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। सरकार ने कहा है कि फसल नुकसान के आकलन के आधार पर प्रभावित किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता तय की जाएगी।

फडणवीस ने कहा कि कई मंत्रियों ने राज्य मंत्रिमंडल में यह मुद्दा उठाया कि कुछ ऐसे क्षेत्रों में भी फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जो निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों के किसानों के लिए वित्तीय सहायता की मांग की।

उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार ने ऐसे मामलों की भी जांच करने का फैसला किया है, भले ही सूखे के कुछ मानदंड पूरे न होते हों।

फडणवीस ने कहा, ‘‘इस साल स्थिति असामान्य है। पहले दो महीनों में भारी बारिश हुई और अगले दो महीनों में बारिश नहीं हुई।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे तहसीलों में मंडल स्तर तक अधिक व्यापक आकलन करेगी और वास्तविक फसल नुकसान के आधार पर सूखे से संबंधित लाभ प्रदान करेगी।

फडणवीस ने कहा, ‘‘इस संबंध में एक प्रक्रिया तय की गई है और मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। उपसमिति को व्यक्तिगत तहसीलों में स्थिति का आकलन करने के लिए भी कहा गया है।’’

उन्होंने कहा कि इस कदम से उन किसानों या तहसीलों को न्याय मिल सकेगा, जिन्हें वास्तविक फसल नुकसान के बावजूद प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने फसल नुकसान के पंचनामों के संबंध में कहा कि आकलन के दौरान दर्ज किए गए विवरण के बारे में किसानों को जानकारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि किसानों को पता होना चाहिए कि उनके फसल नुकसान के पंचनामे में क्या दर्ज किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आकलन के दौरान किसान मौजूद नहीं थे, उनमें मंत्रिमंडल की उपसमिति उचित निर्णय लेगी।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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