पीएनबी घोटाला: सीबीआई ने नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को गिरफ्तार किया

पीएनबी घोटाला: सीबीआई ने नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को गिरफ्तार किया

पीएनबी घोटाला: सीबीआई ने नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को गिरफ्तार किया
Modified Date: September 29, 2026 / 03:44 pm IST
Published Date: September 29, 2026 3:44 pm IST

मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पण कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सोमवार को प्रत्यर्पण कराए जाने के बाद, सीबीआई ने मंगलवार को मुंबई में मिस्त्री को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एजेंसी ने उसे सीबीआई की एक विशेष अदालत में पेश किया, हालांकि हिरासत में देने का अनुरोध नहीं किया।

इसके बाद, अदालत ने मिस्त्री को 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

यह गिरफ्तारी नवंबर 2025 में एक विशेष अदालत द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट का पालन करते हुए की गई।

मिस्त्री, नीरव मोदी की हांगकांग स्थित कंपनी ‘फैंसी क्रिएशन्स लिमिटेड’ का निदेशक रह चुका है।

सीबीआई का आरोप है कि मिस्त्री ने नीरव और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके तहत पीएनबी के साथ लगभग 6,498.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।

एजेंसी ने यह भी दावा किया कि भारत में मामला दर्ज होने के बाद, मिस्त्री ने नीरव के भाई नेहल और एक अन्य वांछित आरोपी के साथ मिलकर कर्मचारियों को — दुबई में नीरव की विभिन्न कंपनियों के ‘डमी’ निदेशकों — को वहां से चले जाने को कहा था।

आरोप है कि इन लोगों को गिरफ्तार किए जा सकने की धमकी देकर काहिरा जाने के लिए मजबूर किया गया। सीबीआई का आरोप है कि आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिए थे।

नीरव मोदी, उसके मामा मेहुल चोकसी और अन्य लोगों के खिलाफ 2018 से ही धन शोधन के आरोपों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है। उनके खिलाफ सीबीआई जांच भी हो रही है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से और मुंबई में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा में फर्जी ‘लेटर ऑफ अंडरटेकिंग’ (औपचारिक बैंक गारंटी) जारी करके 2 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 13,000 करोड़ रुपये) से अधिक की बैंक धोखाधड़ी की।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में