हिंदू वह है जो समझता है कि विविधताएं एक ही एकता के कई भाव हैं: मोहन भागवत

हिंदू वह है जो समझता है कि विविधताएं एक ही एकता के कई भाव हैं: मोहन भागवत

हिंदू वह है जो समझता है कि विविधताएं एक ही एकता के कई भाव हैं: मोहन भागवत
Modified Date: December 8, 2022 / 10:02 pm IST
Published Date: December 8, 2022 10:02 pm IST

नागपुर(महाराष्ट्र), आठ दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि हिंदू वही है जो समझता है कि ‘‘विविधता एक ही एकता के कई भाव हैं।’’

यहां आरएसएस पदाधिकारियों के प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जी20 की अध्यक्षता भारत को मिलना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक हिंदू वह प्रत्येक व्यक्ति है जो परंपरागत रूप से भारत का निवासी है और इसके लिए उत्तरदायी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम विविधता के साथ रह सकते हैं, सभी विविधताएं एक साथ रह सकती हैं, क्योंकि विविधताएं एक ही एकता के कई भाव हैं। जो इसे समझता हो, वही हिन्दू है।’’

भागवत ने आगाह किया कि आज भी ‘‘कुछ क्रूर शक्तियां और उनके एजेंट’’ हैं, जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि भारत टूट जाए और प्रगति न हो।

भाषा

देवेंद्र सुभाष

सुभाष


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