एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषसिद्धि की दर में सुधार करें : फडणवीस

एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषसिद्धि की दर में सुधार करें : फडणवीस

एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषसिद्धि की दर में सुधार करें : फडणवीस
Modified Date: July 3, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: July 3, 2026 6:49 pm IST

मुंबई, तीन जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषसिद्धि की दर में सुधार करें।

मुख्यमंत्री ने एससी/एसटी अधिनियम के लागू होने से जुड़ी राज्य-स्तरीय सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अभियोजन की व्यवस्था को और मज़बूत बनाने पर भी जोर दिया।

बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक फडणवीस ने कहा कि सरकारी वकीलों के कामकाज का मूल्यांकन विशेष कानूनों से जुड़े मामलों में दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए की गई उनकी कोशिशों के आधार पर किया जाना चाहिए।

फडणवीस ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे समझौते या निस्तारण से जुड़े ‘भारतीय न्याय संहिता’ के प्रावधानों के अनुरूप संशोधन का प्रस्ताव रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे सुरक्षा उपाय होने चाहिए जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि विशेष कानूनों के तहत गंभीर अपराधों के आरोपी सज़ा से बच न सकें।

मुख्यमंत्री ने उन जिलों में त्वरित सुनवाई अदालत गठित करने के निर्देश दिए जहां अत्याचार के मामले ज़्यादा सामने आ रहे हैं, ताकि मुकदमों की सुनवाई तेज़ी से हो सके और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

उन्होंने कहा,‘‘गृह विभाग को दोषसिद्धि की कम दर के कारणों का पता लगाने के लिए एक अध्ययन करना चाहिए और जांच, सबूत एकत्र करने, गवाहों की सुरक्षा और मुक़दमा चलाने से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करनी चाहिए। इस कानून के तहत अपराधों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण को भी मज़बूत किया जाना चाहिए।’’

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 2025-26 में इस कानून के तहत 4,524 पीड़ितों को 53.57 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई, जबकि 2026-27 में अब तक 2,081 पीड़ितों को 27.40 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश


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