केतन हत्याकांड: सिया और चेतन ने डिलीट की चैट, सरकार ने त्वरित सुनवाई की मांग मानी
केतन हत्याकांड: सिया और चेतन ने डिलीट की चैट, सरकार ने त्वरित सुनवाई की मांग मानी
(संदीप कोलहाटकर)
पुणे, 26 जून (भाषा ) महाराष्ट्र के पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने अपराध से पहले और बाद में अपने-अपने मोबाइल फोन से चैट डिलीट कर दी थी।
केतन की लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या कर दी गयी थी।
इस मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में महाराष्ट्र सरकार ने त्वरित अदालत में सुनवाई कराने की अग्रवाल परिवार की मांग स्वीकार कर ली और साथ ही, वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाएगा।
विग पहनने के कारण सिया के केतन को पसंद नहीं करने की मीडिया में प्रसारित खबरों के बारे में पूछे जाने पर केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘‘…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या ज़रूरत थी?’’
विशाल ने बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था और सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे।
आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में केतन को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, सिया और केतन की शादी नवंबर में होने वाली थी लेकिन सिया उससे शादी नहीं करना चाहती थी।
पुलिस ने बताया कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने 18 जून से पहले और फिर लोहागढ़ की घटना के बाद अपने-अपने मोबाइल फोन से चैट डिलीट कर दी थी।”
उन्होंने बताया कि संदेशों का विश्लेषण और उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए दोनों के फोन फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच 2,004 फोन कॉल हुई थीं और दोनों ने कुल 238 घंटे आपस में बातचीत की थी।
पुलिस के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि घटना वाले दिन दोनों एक कैफे में कथित तौर पर मिले थे और केतन को रास्ते से हटाने की साजिश पर चर्चा की थी।
उन्होंने किले पर ऐसी जगह की भी पहचान कर ली थी, जहां से केतन को धक्का दिया जा सकता था।
इस बीच, पुणे पुलिस ने पूछताछ के लिए सिया के भाई को तलब किया।
पुणे (देहात) के पुलिस उपाधीक्षक (लोनावला प्रभाग) गजानन टोंपे ने बताया, “सिया के परिवार के अन्य सदस्यों और दोस्तों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। अब तक की जांच में केतन की कथित हत्या में सिया और चेतन दोनों की भूमिका स्थापित हो चुकी है।”
इससे पहले दिन में पुलिस ने बताया था कि केतन की हत्या के लिए चेतन चौधरी ने ही सिया गोयल को उकसाया था।
अधिकारी ने बताया था कि चेतन ने शुरू में दावा किया था कि वह किले पर मौजूद था लेकिन उस जगह पर नहीं गया, जहां से केतन को खाई में धक्का दिया गया था और उसे ठीक-ठीक नहीं पता कि वहां क्या हुआ था।
उन्होंने बताया, “हालांकि, यह स्पष्ट था कि वह झूठ बोल रहा है।”
अधिकारी ने बताया कि आखिरकार दोनों ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली और घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, योजना के तहत सिया को बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चेतन वहां पहुंचकर केतन को धक्का देकर उसकी हत्या करने वाला था।
दोनों ने ठीक इसी साजिश के अनुसार घटना को अंजाम दिया। अधिकारी ने बताया, “उन्होंने (आरोपियों ने) हमें बताया है कि क्या हुआ और कैसे हुआ। केतन को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है।”
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए।
विशाल अग्रवाल ने कहा, “हमने फडणवीस जी से मुलाकात कर मामले की त्वरित सुनवाई की मांग की। हमने यह भी आग्रह किया कि इस मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने लाई जाए और अगर इसमें कोई अन्य लोग भी शामिल हैं, तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। मेरे बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”
इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किला जाने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।’’
वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल बुक किया गया था और मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सही है कि शादी उदयपुर में होनी थी। होटल का किराया प्रति जोड़े के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 81 हजार रुपये था और हमने 70 कमरे बुक किए थे। लेकिन शादी पर हमारा कुल खर्च तीन करोड़ रुपये से अधिक नहीं था।’’
भाषा जितेंद्र अविनाश
अविनाश

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